-एलपीजी की कीमत, बुकिंग नियम और सप्लाई व्यवस्था में कई बदलाव नई दिल्ली,(ईएमएस)। दुनियाभर में जो तनाव का माहौल है और गैस-तेल की सप्लाई पर जो असर पड़ रहा है, उसे देखते हुए केंद्र सरकार ने कुछ सख्त फैसले लिए हैं। सरकार का कहना है कि वैश्विक परिस्थितियों और आयात पर निर्भरता को देखते हुए ऊर्जा संसाधनों का संतुलित उपयोग जरूरी हो गया है। इसी कारण एलपीजी की कीमत, बुकिंग नियम और सप्लाई व्यवस्था में कई बदलाव किए गए हैं। केंद्र सरकार ने बीते 7 मार्च को घर में इस्तेमाल होने वाले एलपीजी सिलेंडर के दाम करीब 7फीसदी तक बढ़ा दिए हैं। इस बढ़ोतरी के बाद 14.2 किलो वाले घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत अब करीब 965 रुपए तक पहुंच गई है। करीब एक साल बाद गैस के दाम इस तरह बढ़े हैं और इसने आम परिवारों के महीनेभर के बजट पर थोड़ा असर डालने का काम किया है। एक तो पहले से ही महंगाई है, ऊपर से रसोई गैस के महंगे होने से गरीब परिवारों का हिसाब-किताब बिगड़ सकता है। हालांकि उज्ज्वला लाभार्थियों को 14.2 किलोग्राम के सिलेंडर पर 300 रुपए की सब्सिडी सीधे बैंक खाते में मिलती है, यानी उन्हें सिलेंडर करीब 550 रुपए में पड़ता है। पात्र श्रेणियों में एससी/एसटी, पीएम आवास योजना (ग्रामीण) के लाभार्थी, अति पिछड़ा वर्ग, अंत्योदय अन्न योजना, चाय बागान जनजातियां, वनवासी, द्वीपवासी, एसईसीसी परिवार और 14-सूत्री घोषणा के तहत गरीब परिवार शामिल हैं। सरकार ने गैस सिलेंडर बुक करने के तरीके में भी एक बड़ा बदलाव किया है। नए नियम के मुताबिक अब आप एक सिलेंडर बुक करने के तुरंत बाद दूसरा बुक नहीं कर सकते। दोनों बुकिंग के बीच एक तय समय का गैप रखना जरूरी होगा। पहले यह नियम था कि आप 25 दिनों के बाद ही दूसरा सिलेंडर ले सकते थे, लेकिन अब गांवों और कस्बों में इस गैप को बढ़ाकर 45 दिन कर दिया गया है। इस नियम के साथ सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि बुकिंग के बाद डिलीवरी 2.5 दिन में होगी। एक परिवार साल में 15 सिलेंडर बुक कर सकता है, जिनमें से 12 सब्सिडाइज़्ड हैं। घर में कानूनी तौर पर अधिकतम 2 सिलेंडर रखे जा सकते हैं। अगर आपके घर में पाइप वाली गैस यानी पीएनजी का कनेक्शन है, तो नए नियमों के तहत अब आप अपने घर में एलपीजी सिलेंडर नहीं रख सकते। इस पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। सरकार ने गैस कंपनियों को साफ-साफ कह दिया है कि जिन लोगों के पास पहले से पाइप वाली गैस है, उन्हें न तो नया सिलेंडर का कनेक्शन दिया जाए और न ही पुराना सिलेंडर भरकर दिया जाए। ऐसे लोगों से कहा गया है कि वे अपनी मर्जी से अपना पुराना एलपीजी कनेक्शन सरेंडर कर दें। सरकार का कहना है कि ये सारे कदम इसलिए उठाए जा रहे हैं ताकि गैस सबको बराबर मिल सके। खासकर उन जगहों पर जहां पाइप वाली गैस (पीएनजी) पहुंच चुकी है, वहां से एलपीजी सिलेंडर कम करके उन्हें गांवों और गरीब परिवारों तक पहुंचाया जा सके, लेकिन इन सबके बीच आम लोगों के मन में एक बड़ा सवाल उठ रहा है। लोगों का सोचना है कि अगर कभी कोई इमरजेंसी आ गई और पाइप वाली गैस की सप्लाई बंद हो गई, तो उनके पास खाना पकाने का दूसरा क्या विकल्प होगा? फिलहाल, गैस एजेंसियां अपने ग्राहकों के डेटा पर नज़र रख रही हैं और सब कुछ नए नियमों के हिसाब से ही मैनेज किया जा रहा है। सिराज/ईएमएस 17 मार्च 2026