खुद को सीबीआई अधिकारी बता मनी लॉन्ड्रिंग में फंसाने और गिरफ्तार करने की दी धमकी मुंबई,(ईएमएस)। देश में साइबर क्राइम दिन ब दिन बढ़ते ही जा रहे हैं और लोगों की महनत की कमाई ठग बड़ी चालाकी से अपने बैंक अकाउंट में ट्रांसफर करा रहे हैं। ऐसा ही एक मामला मुंबई के दादर इलाके से सामने आया यहां एक बुजुर्ग नागरिक को 10 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट करके उससे 1.05 करोड़ रुपए ठगने का मामला सामने आया है। सेवानिवृत्त अधिकारी श्रेयष परलकर (71) से ठगों ने खुद को सरकारी एजेंसियों का अधिकारी बताकर मानसिक दबाव और डर दिखाकर ठगी को अंजाम दिया। मीडिया रिपोर्ट में पीड़ित के मुताबिक 4 मार्च को उन्हें एक अनजान नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को ट्राई के दिल्ली मुख्यालय का अधिकारी बताया। उसने दावा किया कि पीड़ित के आधार कार्ड का इस्तेमाल कर एक नया मोबाइल नंबर जारी किया गया है, जिसका इस्तेमाल अवैध मैसेज और उत्पीड़न के लिए किया जा रहा है। इसके बाद कॉल को फर्जी सीबीआई अधिकारियों के पास ट्रांसफर किया। अलग-अलग लोगों ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर पीड़ित को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में फंसाने और गिरफ्तार करने की धमकी दी। ठगों ने भरोसा जीतने के लिए फर्जी कोर्ट ऑर्डर, अरेस्ट वारंट और सरकारी लेटरहेड तक व्हाट्सऐप पर भेजे। रिपोर्ट के मुताबिक ठगों ने पीड़ित को यह कहकर डिजिटल अरेस्ट किया कि वह जांच के दायरे में हैं और कहीं बाहर संपर्क नहीं कर सकते। उन्हें एक मैसेजिंग ऐप डाउनलोड कराकर हर दो घंटे में मैं सुरक्षित हूं जैसी रिपोर्ट भेजने को कहा। इस दौरान उन्हें बार-बार डराया गया और सहयोग न करने पर गिरफ्तारी की धमकी दी गई। ठगों ने पीड़ित से उनकी बैंक डिटेल, निवेश और बचत की पूरी जानकारी हासिल की। इसके बाद फंड वेरिफिकेशन के नाम पर अलग-अलग बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करने के लिए मजबूर किया। रिपोर्ट के मुताबिक 6 मार्च से 12 मार्च के बीच पीड़ित ने चार अलग-अलग ट्रांजेक्शन में कुल 1.05 करोड़ रुपए ट्रांसफर कर दिए। 15 मार्च को पीड़ित के बेटे ने उनका मोबाइल चेक किया, तब पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। इसके बाद तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों और संबंधित बैंक खाताधारकों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सिराज/ईएमएस 18मार्च26