राष्ट्रीय
17-Mar-2026
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नई दिल्ली,(ईएमएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पिछले महीने 25 से 26 फरवरी तक किए गए इजरायल दौरे के बाद पश्चिम-एशिया में छिड़ी भीषण जंग को लेकर देश में विपक्षी दलों द्वारा की जा रही तमाम टीका-टिप्पणियों के बीच भारत में इजरायल के राजदूत रूवेन आजार का एक महत्वपूर्ण बयान सामने आया है। जिसमें मीडिया से बातचीत में उन्होंने दो टूक अंदाज में कहा कि पीएम मोदी की इजरायल यात्रा के समाप्त होने के बाद यानी 26 फरवरी के बाद हमारी ईरान पर हमले की वास्तविक योजना (रणनीतिक अवसर) ने मूर्तरूप लिया था। इससे भारत के प्रधानमंत्री की यात्रा का कोई लेना देना नहीं है। ये हमारे एक ऐसा सैन्य अवसर था। जो प्रधानमंत्री मोदी के इजरायल से जाने के बाद सामने आया। जबकि इससे पहले तक इजरायल ऐसे किसी हमले के लिए तैयार नहीं था। हमने हमले का फैसला भारतीय पीएम की यात्रा के 48 घंटे बाद की गई सुरक्षा संबंधी मामलों की कैबिनेट की बैठक में लिया था। जिससे साफ हो जाता है कि हमले की योजना पूर्व निर्धारित नहीं थी और ये समय के साथ विकसित हुई थी। उन्होंने ये भी कहा कि इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू जीवित हैं। जब मैं इजरायल में था तो मैंने खुद उन्हें एक से अधिक बार प्रत्यक्ष रूप से देखा है। कॉफी वाला उनका जो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। वह पूरी तरह से गलत और झूठा है। जिसमें ईरान और उसके साथियों की भूमिका नजर आती है। ईरान चाहेगा तो रुकेगी लड़ाई अजार ने कहा कि हम युद्ध के बीच हर प्रकार की शत्रुता को समाप्त करने के पक्ष में हैं यानी लड़ाई को रोकना चाहते हैं। लेकिन इसके लिए ईरान को अपने रुख में तब्दीली करनी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि बीते कुछ दिनों से तेल अवीव क्षेत्र में और उसके बाहर अपने तमाम सहयोगियों (अमेरिका व अन्य देश) के साथ कूटनीतिक माध्यमों से संवाद कर रहा है। जिसमें तनाव को खत्म करने का मुद्दा शामिल है। उन्होंने कहा कि मुझे नहीं लगता कि हमारे मत में कहीं पर भी ईरान पर जमीनी हमले की योजना शामिल है। मौजूदा सैन्य हमलों के जरिए भी हमने ईरान की क्षमता पर चोट की है। आगे भी ये कवायद जारी रहेगी। वर्तमान में हम ईरान के आसमान पर नियंत्रण बनाए हुए हैं। वीरेंद्र/ईएमएस/17मार्च2026