राज्य
17-Mar-2026
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नई दिल्ली (ईएमएस)। गाजियाबाद के हरीश राणा, जो इच्छामृत्यु के लिए एम्स में भर्ती हैं, उनके परिवार ने अंगदान का संकल्प लिया है। एम्स की मेडिकल टीम उनके अंगों की जांच कर रही है ताकि प्रत्यारोपण के लिए उपयुक्त अंगों की पहचान की जा सके। इच्छामृत्यु के लिए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती गाजियाबाद के युवक हरीश राणा के कार्यशील अंगों को दान करने के संकल्प अनुसार एम्स की मेडिकल टीम उनके अंगों की विस्तृत चिकित्सीय जांच कर रही है। जांच में निर्धारित होगा कि कौन-कौन से अंग कार्यशील और प्रत्यारोपण के लिए उपयुक्त हैं। इसके बाद आपसी सहमति से उन अंगों को प्रत्यारोपण ऐसे मरीजों में किया जाएगा जिन्हें तत्काल इसकी आवश्यकता है। हरीश राणा के माता-पिता ने हरीश राणा की मृत्यु के बाद उनके कार्यशील अंगों के दान का संकल्प लिया था, ताकि उनकी जीवन यात्रा समाप्त होने के बाद उनके अंगों से कई जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन मिल सके। परिवार का कहना है कि इच्छामृत्यु की इच्छा के साथ-साथ हरीश राणा की यह भी इच्छा थी कि उनके अंग किसी जरूरतमंद के काम आएं। इसी संकल्प को पूरा करने के लिए यह पहल की जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, अंगदान एक व्यक्ति की मृत्यु के बाद कई लोगों को जीवन देने की क्षमता रखता है। अजीत झा/देवेन्द्र/नई दिल्ली/ ईएमएस/17/मार्च /2026