राज्य
18-Mar-2026


:: विट्ठल रुक्मिणी संस्था का 23वां आयोजन; समरसता का गूंजेगा संदेश; उज्जैन के कलाकार देंगे प्रस्तुति :: इंदौर (ईएमएस)। हिंदू नववर्ष गुड़ी पड़वा के पावन अवसर पर देवी अहिल्या की नगरी इंदौर एक बार फिर सनातन आस्था, प्राचीन परंपरा और सामाजिक समरसता के अद्भुत संगम की साक्षी बनने जा रही है। शहर के चाणक्यपुरी चौराहे पर गुरुवार, 19 मार्च को प्रदेश की सबसे ऊंची 51 फीट की भव्य गुड़ी स्थापित की जाएगी, जो नवसंवत्सर के स्वागत का दिव्य प्रतीक बनेगी। विट्ठल रुक्मिणी संस्था द्वारा आयोजित यह गौरवशाली उत्सव इस वर्ष अपने सफलता के 23वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। संस्था के मयूरेश पिंगले ने बताया कि आयोजन की शुरुआत सुबह 10 बजे विधि-विधान से गुड़ी पूजन और उसे बांधने के साथ होगी। इस बार उत्सव का विशेष आकर्षण उज्जैन से आए बाबा महाकाल की सवारी के ख्यात कलाकार होंगे। ढोल, मृदंग और शंखनाद की उनकी दिव्य प्रस्तुतियां पूरे वातावरण को शिवमय बना देंगी, जिससे श्रद्धालुओं को साक्षात महाकाल की सवारी का सजीव अनुभव होगा। :: मिसाबंदियों का होगा विशेष सम्मान :: संस्था पिछले 22 वर्षों से इस परंपरा के माध्यम से समाज के हर वर्ग को एक सूत्र में पिरोने का कार्य कर रही है। इसी कड़ी में, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में इस वर्ष एक विशेष गरिमामय समारोह आयोजित किया जाएगा। इसमें क्षेत्र के वरिष्ठ जनों और मिसाबंदियों का आत्मीय अभिनंदन किया जाएगा। कार्यक्रम में कई पूज्य संत-महात्माओं का सानिध्य भी प्राप्त होगा, जिससे आयोजन की आध्यात्मिक गरिमा और बढ़ेगी। :: 11 हजार लड्डुओं का होगा वितरण :: श्रद्धालुओं के लिए संस्था द्वारा विशाल स्तर पर प्रसादी की व्यवस्था की गई है। उत्सव की मिठास बढ़ाने के लिए 11,000 मोतीचूर के लड्डू और पारंपरिक गुड़-धनिया का वितरण किया जाएगा। मयूरेश पिंगले के अनुसार, यह आयोजन केवल परंपरा निभाने का माध्यम नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का एक सेवा संकल्प है। वर्तमान में चाणक्यपुरी चौराहे पर तैयारियों का उत्साह चरम पर है, जहाँ मातृशक्ति और युवा टोली श्रद्धाभाव से जुटी हुई है। प्रकाश/18 मार्च 2026