:: सुशासन और भारतीय दर्शन के वैश्विक उत्थान के लिए राज्य सरकार का बड़ा निर्णय; नामांकन की प्रक्रिया आज से प्रारंभ :: इंदौर/भोपाल (ईएमएस)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को मुख्यमंत्री निवास पर समग्र मराठी समाज के भव्य समागम को संबोधित करते हुए गुड़ी पड़वा को भारतीय सांस्कृतिक अस्मिता, शुभता और सामूहिक नवचेतना का जीवंत प्रतीक बताया। इस ऐतिहासिक अवसर पर मुख्यमंत्री ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने सम्राट विक्रमादित्य के नाम पर 1 करोड़ 1 लाख रुपये की राशि का अंतर्राष्ट्रीय सम्मान स्थापित किया है। भारतीय दर्शन, सुशासन, न्यायप्रियता और सामाजिक नवोन्मेष के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर उत्कृष्ट योगदान देने वाली विभूतियों को यह प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस सर्वोच्च सम्मान के लिए नामांकन की प्रक्रिया आज यानी गुड़ी पड़वा से ही आधिकारिक रूप से प्रारंभ कर दी गई है। कार्यक्रम के दौरान डॉ. यादव ने चैत्र प्रतिपदा के ऐतिहासिक महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि इसी पावन तिथि से सम्राट विक्रमादित्य ने विक्रम संवत का शुभारंभ कर राष्ट्र को नई वैचारिक दिशा दी थी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने न केवल इस पर्व पर सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है, बल्कि सभी जिलों के प्रभारी मंत्रियों को सूर्योदय के समय गुड़ी पूजन और सांस्कृतिक आयोजनों में सक्रिय सहभागिता के निर्देश भी दिए हैं। कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न अंचलों से आए मराठी भाषियों ने पारंपरिक ढोल-ताशों की गूंज के साथ मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत किया और उन्हें पेशवाई टोपी एवं गुड़ी भेंट कर सम्मानित किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने मराठी साहित्य अकादमी की पत्रिका अथर्वनाद का विमोचन किया और उन संस्थाओं के प्रतिनिधियों का अभिनंदन भी किया जो पिछली डेढ़ शताब्दी से मराठी कला, साहित्य और संस्कृति के संरक्षण में निस्वार्थ भाव से जुटी हैं। संबोधन के समापन पर मुख्यमंत्री ने लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर के सेवा कार्यों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सक्षम नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि आज भारत की वीरता और निडरता की गूँज यूक्रेन से लेकर खाड़ी देशों तक वैश्विक पटल पर सुनाई दे रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि गुड़ी पड़वा का यह पर्व प्रकृति के नवजीवन और सनातन संस्कृति की अटूट परंपरा को आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम बनेगा। प्रकाश/18 मार्च 2026