नई दिल्ली (ईएमएस)। पश्चिमी दिल्ली का पालम-मंगलापुरी मार्ग हल्की बारिश के बाद बदहाल हो गया है। गड्ढों में भरी मिट्टी धंसने से सड़क कीचड़ और गहरे गड्ढों से भर गई, जिससे यातायात ठप हो गया। यह मार्ग पालम, मंगलापुरी, राजनगर और द्वारका जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को जोड़ता है। पश्चिमी दिल्ली में पालम और मंगलापुरी को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग, जो क्षेत्र की सबसे व्यस्त लाइफलाइन माना जाता है, आज अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। पहले से ही जर्जर हो चुके इस मार्ग पर सुबह हुई हल्की बारिश ने पूरी सड़क को कीचड़ के टापू में तब्दील कर दिया। विभाग द्वारा गड्ढों को भरने के लिए डाली गई मिट्टी और मलबा हल्की फुहारों के पड़ते ही बैठ गया, जिससे सड़क पर मौत के जाल जैसे गहरे गड्ढे उभर आए हैं। सड़क की स्थिति इतनी भयावह हो गई है कि कई स्थानों पर सड़कतो ड़कर किए गए काम के बाद उसमें भर दिए गए मिट्टी धंसने से बने गहरे गड्ढों में छोटी कारें और क्लस्टर बसें तक फंस रही हैं। ट्यूबलर और डीटीसी बसों के पहिए कीचड़ में धंसने के कारण मार्ग पर कई जगह यातायात पूरी तरह ठप हो गया, जिससे यात्रियों को भारी मशक्कत करनी पड़ी। इन गड्ढों में पानी भरा होने के कारण वाहन चालकों को गहराई का अंदाजा नहीं मिल पा रहा है, जो किसी बड़े हादसे को खुली चुनौती दे रहा है। पालम-मंगलापुरी मार्ग केवल एक सड़क नहीं, बल्कि पश्चिमी दिल्ली के कई बड़े इलाकों को जोड़ने वाली सड़क है। यह मार्ग पालम, मंगलापुरी, राजनगर और द्वारका जैसे प्रमुख क्षेत्रों को आपस में जोड़ता है। पालम गांव के निवासियों के लिए यह दशरथपुरी और डाबरी की ओर जाने का सबसे प्रमुख और सुगम रास्ता है। एम्बुलेंस, स्कूली बसों और हजारों कामकाजी लोगों के लिए यह अनिवार्य मार्ग है, लेकिन वर्तमान बदहाली ने इसे मुसीबत की राह बना दिया है। अजीत झा/देवेन्द्र/नई दिल्ली/ईएमएस/21/मार्च/2026