- भारी वाहनों से बढ़ी चिंता जशपुर(ईएमएस)। शहर के व्यस्ततम बस स्टैंड क्षेत्र में एक बार फिर सुरक्षा को लेकर गंभीर स्थिति बन गई है। नाले के ऊपर बनी जमीन में दोबारा दरार पड़ने से यात्रियों और बस संचालकों के बीच चिंता बढ़ गई है। यहां से रोजाना 150 से अधिक बसों का आवागमन होता है, जिनमें 20 से ज्यादा लंबी दूरी की रात्रिकालीन बसें शामिल हैं। बस स्टैंड से रांची, रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग-भिलाई, गया और औरंगाबाद (बिहार) सहित कई शहरों के लिए बसें संचालित होती हैं। इसके अलावा रायगढ़, गुमला, बगीचा, अंबिकापुर, कांसाबेल और कुनकुरी के लिए भी दिनभर बसों की आवाजाही रहती है, जिससे यह क्षेत्र हमेशा व्यस्त रहता है। मोटर कर्मचारी एसोसिएशन के सदस्यों का कहना है कि बसों के खड़े होने पर आसपास की जमीन कांपने लगती है, जिससे किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है। बताया जा रहा है कि अप्रैल के पहले सप्ताह में नगरपालिका द्वारा इस हिस्से की मरम्मत कराई गई थी, लेकिन मरम्मत सिर्फ ऊपरी हिस्से तक सीमित रही और टिकाऊ नहीं साबित हुई। दरअसल, बस स्टैंड के बीच से शहर का मुख्य नाला गुजरता है, जिसके ऊपर ढलाई कर जमीन तैयार की गई है। करीब 30 साल पहले बने इस ढांचे पर ही बसों की पार्किंग और अन्य निर्माण किए गए हैं। लगातार भारी वाहनों के दबाव के कारण जमीन की मजबूती कमजोर पड़ती जा रही है। बस एजेंटों ने बताया कि वे कोशिश करते हैं कि बसों के पहिए दरार वाले हिस्से से न गुजरें, लेकिन भीड़ और जगह की कमी के कारण यह हमेशा संभव नहीं हो पाता। सत्यप्रकाश(ईएमएस)21 मार्च 2026