राज्य
21-Mar-2026
...


मुंबई, (ईएमएस)। महाराष्ट्र के नासिक में कथित रेप केस के आरोपी अशोक खरात पर बढ़ते दबाव के बाद, राज्य महिला आयोग की अध्यक्षा रूपाली चाकणकर ने आखिरकार अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर अपना इस्तीफा दिया है। दूसरी ओर, महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग ने राज्य के पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर केस की जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) बनाने की मांग की है। आयोग की अध्यक्षा रूपाली चाकणकर ने इस मांग के साथ पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखा है। पुलिस महानिदेशक सदानंद दाते को लिखे एक पत्र में चाकणकर ने उल्लेख किया है कि नासिक की एक 35 वर्षीय महिला पर पिछले तीन वर्षों में अशोक खरात का बार-बार यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाया गया है। इसलिए इस केस की जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) गठित की जाए। वहीं शुक्रवार देर रात रूपाली चाकणकर उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार से मिलने गई थीं। उन्होंने वहीं अपना इस्तीफा दे दिया। दरअसल चाकणकर पर गिरफ्तार अशोक खरात के साथ कथित रिश्ते होने का आरोप है। सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार शाम को चाकणकर से अपने पद से इस्तीफा देने को कहा था। - क्या है मामला ? राजनीतिक गलियारों में सक्रिय और तथाकथित न्यूमेरोलॉजिस्ट कैप्टन अशोक खरात की रेप के एक गंभीर मामले में गिरफ्तारी से नासिक से लेकर मुंबई तक हड़कंप मचा है। उन पर धार्मिक आस्था, दैवीय शक्ति और मंत्र तंत्र की आड़ में महिलाओं का भरोसा जीतकर उनके साथ गलत काम करने का आरोप है। सरकारवाड़ा पुलिस स्टेशन में 35 साल की महिला के साथ यौन शोषण, वावी पुलिस स्टेशन (नासिक ग्रामीण) में अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी देकर 5 करोड़ रुपये की फिरौती मांगने और शिरडी पुलिस स्टेशन (अहिल्यानगर) में अश्लील फोटो वायरल करने का केस दर्ज किया गया है। इन तीनों अपराधों की वजह से, केस का नेचर सिर्फ यौन शोषण तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि ब्लैकमेलिंग और फाइनेंशियल क्राइम तक फैल गया है। इस बीच, क्राइम ब्रांच की यूनिट 1 की टीम ने बुधवार सुबह कार्रवाई करते हुए अशोक खरात को गिरफ्तार कर लिया। जब उन्हें कोर्ट में पेश किया गया, तो कोर्ट ने उन्हें 24 मार्च तक पुलिस हिरासत में भेज दिया। पुलिस ने कनाडा कॉर्नर में उनके ऑफिस की तलाशी ली तो एक पेन ड्राइव जब्त की गई। बताया जा रहा है कि इस पेन ड्राइव में 58 वीडियो मिले हैं। इस मामले ने राजनीतिक मोड़ भी ले लिया है। राज्य महिला आयोग की अध्यक्षा रूपाली चाकणकर का अशोक खरात की पैर पूजा करते हुए एक वीडियो सामने आने के बाद उनके इस्तीफे की मांग हो रही थी। वहीं इस मामले में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की नेता रूपाली ठोंबरे पाटिल ने सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। रूपाली ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि यह मामला किसी पार्टी या जाति का नहीं, बल्कि महिलाओं का है। यह मामला एक साल पहले रिपोर्ट हुआ था। ट्रस्ट पर राज्य महिला आयोगा की अध्यक्षा रूपाली नीलेश चाकणकर हैं। तो पुलिस कार्रवाई क्यों नहीं कर रही थी? 58 वीडियो हैं तो क्या 58 महिलाओं को किडनैप किया गया है? राज्य महिला आयोगा की अध्यक्षा को अपने पद से हट जाना चाहिए। नहीं तो इस मामले की जांच पूरी नहीं होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि अगर चाकणकर मैडम उस पद पर रहीं तो वह सबूत मिटा देंगी। रूपाली ठोंबरे पाटिल ने आगे कहा कि सभी ट्रस्ट के खिलाफ केस दर्ज होना चाहिए। अगर रूपाली चाकणकर इस्तीफा नहीं देती हैं तो वह पूरे राज्य में आंदोलन करेंगी। वह यह मामला उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के कानों तक पहुंचाएंगी। उन्होंने यह भी कहा कि चूंकि वह एक संवैधानिक पद पर हैं, इसलिए जांच ठीक ढंग से नहीं होगी, इसलिए रूपाली चाकणकर को तुरंत अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। अशोक खरात सिन्नर तालुका के मिरगांव में श्री ईशान्येश्वर मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष हैं। वह एक रिटायर्ड मर्चेंट नेवी ऑफिसर हैं और पिछले कुछ सालों में उन्होंने ‘कॉस्मोलॉजी एक्सपर्ट’ और न्यूमेरोलॉजिस्ट के तौर पर अपना नाम बनाया था। - एसआईटी को मिली जांच की जिम्मेदारी राज्य सरकार के आदेश के मुताबिक, सभी संबंधित पुलिस स्टेशनों को इस केस के कागजात, सबूत और केस डायरी तुरंत एसआईटी को ट्रांसफर करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, जांच की प्रक्रिया को नियमित वरिष्ठ स्तर पर जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे जांच पर सीधा नियंत्रण बना रहेगा। संजय/संतोष झा- २१ मार्च/२०२६/ईएमएस