नई दिल्ली (ईएमएस)। केंद्र की मोदी सरकार ने देश की दंत चिकित्सा शिक्षा और ओरल हेल्थकेयर में सुधार लाने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया (डीसीआई) को समाप्त कर अब उसके स्थान पर नेशनल डेंटल कमीशन (एनडीसी) की स्थापना की गई है। 19 मार्च 2026 को जारी अधिसूचना के साथ ही यह नई व्यवस्था लागू हो गई है और 75 साल पुराने डेंटिस्ट एक्ट, 1948 को निरस्त किया गया है। नेशनल डेंटल कमीशन के तहत तीन मुख्य बोर्ड बनाए गए हैं जो विशिष्ट कार्यों की देखरेख करने वाले है। इसमें यूजी और पीजी डेंटल एजुकेशन बोर्ड का गठन किया गया है। यह दंत शिक्षा के मानकों और पाठ्यक्रम की निगरानी करेगा। वहीं डेंटल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड यह दंत चिकित्सा संस्थानों के मूल्यांकन, रेटिंग और मान्यता का कार्य संभालेगा। इसके अलावा एथिक्स एंड डेंटल रजिस्ट्रेशन बोर्ड बनाया गया है। यह दंत चिकित्सकों के पंजीकरण और पेशेवर आचार संहित पर नजर रखेगा। कमीशन के सुचारू संचालन के लिए डॉ. संजय तिवारी को चेयरपर्सन बनाया गया है। उनके साथ डॉ. मौसमी गोस्वामी पार्ट-टाइम सदस्य और अरिंदम मोडक सचिव के रूप में कार्यभार देखने वाले है। इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य दंत चिकित्सा शिक्षा में पारदर्शिता लाना और भारतीय ओरल हेल्थकेयर को वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाना है। आशीष दुबे / 21 मार्च 2026