फिरोजाबाद(ईएमएस) जनपद में नाबालिग दलित बालिका के अपहरण और दुष्कर्म के गंभीर मामले में विशेष पॉक्सो कोर्ट ने आरोपी को 10 वर्ष के कठोर कारावास और 30,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। यह फैसला 23 मार्च 2026 को सुनाया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सौरभ दीक्षित के निर्देशन में चलाए जा रहे “ऑपरेशन कन्विक्शन” के तहत पुलिस और अभियोजन की प्रभावी पैरवी से आरोपी को सजा दिलाई गई। मामले की सुनवाई विशेष पॉक्सो कोर्ट के न्यायाधीश मुमताज अली ने की। क्या था मामला घटना थाना पचोखरा क्षेत्र के ग्राम गढ़ी हर्राय की है। 26 जुलाई 2021 को आरोपी मंगल सिंह पुत्र अंगनलाल, निवासी दोकेली थाना मटसैना, ने वादी की नाबालिग पुत्री को बहला-फुसलाकर भगा लिया और उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता के पिता द्वारा 28 जुलाई 2021 को थाना पचोखरा में तहरीर दी गई, जिसके आधार पर मुकदमा अज्ञात के खिलाफ दर्ज किया गया। जांच में जोड़ी गईं गंभीर धाराएं विवेचना के दौरान पीड़िता के बयान और साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की पहचान हुई। इसके बाद मुकदमे में धारा 366, 376 आईपीसी और पॉक्सो एक्ट की धाराएं जोड़ी गईं। पीड़िता अनुसूचित जाति से होने के कारण मामले में एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(2)(5) भी बढ़ाई गई। विवेचना तत्कालीन क्षेत्राधिकारी टूण्डला अभिषेक श्रीवास्तव द्वारा संपादित की गई। 94 दिन में दाखिल हुई चार्जशीट मामले के विवेचक द्वारा मात्र 94 दिनों में साक्ष्य संकलित कर 30 अक्टूबर 2021 को न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया गया, जिससे केस की सुनवाई में तेजी आई। पुलिस और अभियोजन की भूमिका घटना के अनावरण के लिए एसओजी और सर्विलांस टीम सहित दो पुलिस टीमों का गठन किया गया था। न्यायालय में प्रभावी पैरवी और साक्ष्य प्रस्तुत करने में अभियोजक अवधेश कुमार भारद्वाज, पैरोकार हेड कांस्टेबल देवप्रकाश, थाना पचोखरा पुलिस टीम और मॉनिटरिंग सेल की अहम भूमिका रही। ऑपरेशन कन्विक्शन का असर उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन कन्विक्शन” के तहत गंभीर अपराधों में तेजी से जांच और मजबूत पैरवी की जा रही है। इसी का परिणाम है कि इस मामले में आरोपी को सख्त सजा दिलाई जा सकी। कड़ा संदेश न्यायालय का यह फैसला समाज में यह स्पष्ट संदेश देता है कि नाबालिगों के खिलाफ अपराध करने वालों के खिलाफ कानून सख्ती से कार्रवाई करेगा और दोषियों को कठोर सजा दिलाई जाएगी। ईएमएस