बंगले को बनने में कुल 33.66 करोड़ रुपये खर्च हुए नई दिल्ली (ईएमएस)। दिल्ली विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी और आप के बीच गरमागरम बहस हुई। रेखा गुप्ता सरकार में पीडब्ल्यूडी मंत्री परवेश सिंह ने सदन में लंबा सफेद कागज रोल लहराया, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के बंगले “शीशमहल” के निर्माण और सजावट पर हुए खर्चों का पूरा हिसाब लिखा था। बीजेपी ने आरोप लगाया कि जब देश और पूरी दिल्ली कोरोना संकट झेल रही थी, तब केजरीवाल अपने लिए आलीशान महल बना रहे थे। कैग रिपोर्ट के अनुसार, बंगले की शुरुआती लागत 7.91 करोड़ रुपये थी, जो बढ़कर 33.66 करोड़ हो गई, यानी मूल लागत से 342 प्रतिशत अधिक। इसमें 1.5 करोड़ के झूमर और पर्दे, 40 लाख के बॉस स्पीकर्स, 14 लाख की ट्रेडमिल और 5 लाख रुपये की टॉयलेट सीट शामिल हैं। दिल्ली सरकार में मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा कि पेड़ काटने और पुराने हेरिटेज बंगलों को गिराने की कोई अनुमति नहीं ली गई। परवेश सिंह ने दावा किया कि पास में एक और “शीशमहल” भी बन रहा था, जिस पर 25 करोड़ रुपये खर्च हो चुके थे और पूरी तरह बनने पर यह 60 करोड़ तक पहुंच सकता था। बीजेपी ने कोरोना के समय इस फाइल को 24 घंटे में मंजूरी देने पर सवाल उठाकर कहा कि यदि ये पैसे आईसीयू वेंटिलेटर पर खर्च होता, तब कई जानें बच सकती थीं। हैरानी की बात यह रही कि जब सदन में इतने गंभीर आरोप लगे, तब आप का कोई विधायक मौजूद नहीं थे। पार्टी जनवरी में अपने चार विधायकों के निलंबन के विरोध में बजट सत्र का बहिष्कार कर रही है। आशीष दुबे / 26 मार्च 2026