क्षेत्रीय
28-Mar-2026
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- ड्रम और जरिकेन लेकर पेट्रोल डीजल लेने पहुंचे लोगों से तीखी नोकझोंक झांसी (ईएमएस ) महानगर में भी इजरायल ईरान के बीच चल रहे युद्ध के कारण ईंधन खत्म होने की अफवाह है तेजी से फैल रही हैं।फल स्वरुप लोगों में डीजल पेट्रोल लेने के लिए आपाधापी का माहौल बन गया है। व्यावहारिक रूप से यह देखा जा रहा है कि जो बाइक सवार ₹100 का पेट्रोल लेते थे वह अब अपनी बाइक की टंकी फुल कर रहे हैं। इन झूठी अफवाहों के कारण ईंधन की खपत दोगुनी से ज्यादा हो गई है इंडियन ऑयल व भारत पेट्रोलियम के पेट्रोल पंप पर अचानक हुई इस बड़ी बिक्री के कारण पेट्रोल डीजल की खपत लगभग दोगुनी हो चुकी है। आम दिनों में यह पाया गया था कि दोनों कंपनी के पेट्रोल पंप पर प्रतिदिन लगभग 500 किलो लीटर पेट्रोल की बिक्री होती थी जो इस समय लगभग 900 किलो लीटर पर पहुंच गई है। सोशल मीडिया को देखने पर यह आ रहा है कि गैस पेट्रोल और डीजल की कमी की सूचनायें बड़ी तेजी से फैल रही हैं लेकिन पुलिस प्रशासन इस तरह के मैसेज भेजने वालों को अभी तक नहीं चिन्हित कर पा रहा है। इन्हीं झूठी अफवाहों को लेकर शहर में ईंधन के लिए आपाधापी का माहौल बनता जा रहा है। प्रशासन ने अगर इस तरह के मैसेज भेजने वालों को चिन्हित नहीं किया तो माहौल और भी ज्यादा बिगड़ सकता है। पूरे देश में सोशल मीडिया पर इस तरह की खबरें चल रही हैं कि भारत में ईंधन का स्टॉक खत्म हो रहा है जिससे तेल की कीमतों में बड़ा उछाल आने वाला है जबकि सरकार से लेकर अधिकारियों तक ने इस झूठे प्रचार का खंडन किया है।और विश्वास दिलाने की पूरी कोशिश की है कि भारत में डीजल पेट्रोल का 6 माह तक का का स्टॉक है और आगे भी आपूर्ति जा रही है। उसके बावजूद लोगों में यह भ्रम बड़ी तेजी से फैल रहा है कि ईंधन की कमी भविष्य में हो जाएगी इसी कारण लोगों ने डीजल पेट्रोल और गैस का स्टॉक करना शुरू कर दिया है। झांसी में भी इसका व्यापक असर देखने को मिला है। इंडियन ऑयल के झांसी में लगभग 75 पेट्रोल पंप है जहां प्रतिदिन लगभग 300 KL पेट्रोल की बिक्री होती थी पिछले तीन दिन से यहां बिक्री बढ़कर लगभग 550 के एल पर पहुंच गई है।इसी तरह भारत पेट्रोलियम के 50 पेट्रोल पंप है जिन पर लगभग 200 KL लीटर पेट्रोल की बिक्री होती थी जो बढ़कर 350 के एल पर पहुंच गई है इंडियन ऑयल के सेलस अधिकारियों ने बताया है कि पेट्रोल डीजल का पर्याप्त स्टाक होने के बाद भी लोग सोशल मीडिया पर फैलाई जा रहे भ्रामक मैसेज के चक्कर में फस कर पेट्रोल और डीजल का स्टॉक कर रहे हैं। पेट्रोल डीजल की कोई कमी नहीं है और ना इसके दाम में कोई बढ़ोतरी नहीं होने जा रही है इसलिए किसी भी तरह की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। इन परिस्थितियों में पूर्ति विभाग की चुप्पी पर भी एक प्रश्न वाचक चिन्ह खड़ा हो रहा है। इस विषम परिस्थिति में भी पूर्ति विभाग मौन हो गया है जिससे जनता की शंकाओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। पूर्ति विभाग के अधिकारी किसी का भी फोन नहीं उठा रहे हैं जिससे अब अफवाहों को सच मानकर लोग दौड़ भाग करने लगे हैं। पेट्रोल पंप की जांच के लिए गठित की गई टीम भी कहां जांच कर रही है यह भी पता नहीं चल पा रहा है। शुक्रवार को अचानक इस बड़ी हुई डिमांड से पेट्रोल पंप संचालकों को भी काफी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा और उन्होंने सबको मिल सके उसके लिए पेट्रोल पंप संचालकों ने दो पहिया वाहनों को ₹100 और चार पहिया वालों को 200 से लेकर ₹500 का तेल देने का ही फरमान जारी कर दिया। लेकिन किसान व अन्य लोग जो बड़े-बड़े जरिकेन और ड्रम लेकर आए थे उनसे पेट्रोल पंप संचालकों की नोकझोंक होती रही। अगर प्रशासन ने इस तरह की अफवाह फैलाने वालों या इस तरह के सोशल मीडिया पर मैसेज फैलाने वालों को खिलाफ कोई कडी कार्रवाई न की तो माहौल और भी ज्यादा खराब हो सकता है। शरद शिवहरे /ईएमएस /28मार्च