- हाइकोर्ट ने मांगा जवाब तो किया बहाल इन्दौर (ईएमएस) मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बाद पुलिस विभाग ने हड़बड़ी में एक आरक्षक को बहाल कर दिया। मामला उस पुलिसकर्मी का है जिसे एनडीपीएस प्रकरण में नाम आने के आधार पर निलंबित किया गया था, जबकि बाद में न्यायालय द्वारा उसे पूर्णतः दोषमुक्त कर दिया गया। एनडीपीएस मामले में सस्पेंड आरक्षक लखन गुप्ता ने अधिवक्ता यश नागर के माध्यम से याचिका दायर कर कोर्ट को बताया कि उसे अपराध क्रमांक 124/2025 में केवल नाम आने के आधार पर 03 मार्च 2025 को निलंबित कर दिया गया था। जांच के दौरान एफएसएल रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि जब्त पदार्थ में कोई भी मादक पदार्थ नहीं पाया गया, बल्कि केवल पोटेशियम नाइट्रेट मिला। इसके आधार पर विशेष न्यायालय, एनडीपीएस, इंदौर ने 03 फरवरी 2026 को प्रकरण समाप्त कर दिया और सभी आरोपियों को दोष मुक्त कर दिया था। इसके बावजूद विभाग ने निलंबन समाप्त नहीं किया, जिस पर हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए पुलिस अधिकारियों से जवाब मांगा कि जब आपराधिक प्रकरण समाप्त हो चुका है तो निलंबन क्यों जारी है। कोर्ट के नोटिस के बाद विभाग ने आनन-फानन में आदेश जारी कर आरक्षक को पुनः सेवा में बहाल कर निलंबन अवधि को समाप्त कर दिया। आनंद पुरोहित/ 28 मार्च 2026