- उच्च न्यायालय में 2 अप्रैल की अंतिम सुनवाई के पहले उच्चतम न्यायालय में 1 अप्रैल को होगी सुनवाई -: इन्दौर (ईएमएस) मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित ऐतिहासिक और विवादित भोजशाला-कमल मौला मस्जिद परिसर का विवादित मामला निर्णय की दहलीज पर पहुंचते पहुंचते फिर एक बार फिर देश की सबसे बड़ी अदालत की चौखट पर पहुंच गया। मामले में जहां हाइकोर्ट की इन्दौर खंडपीठ में 2 अप्रैल को होने वाली अंतिम और निर्णायक सुनवाई होनी थी और जिसके चलते हाइकोर्ट के न्यायाधीशों ने मामले की गहराई को समझने के लिए खुद विवादित स्थल का दौरा किया था, वहीं उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के इस दौरे के खिलाफ मुस्लिम पक्ष ने उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर कर दी है जिस पर सुनवाई उच्च न्यायालय की अंतिम सुनवाई 2 अप्रैल के एक दिन पहले 1 अप्रैल नियत की गई है। मामले में बता दें कि गत शनिवार, 28 मार्च 2026 को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ के जस्टिस विजय कुमार शुक्ल और जस्टिस आलोक अवस्थी ने भोजशाला परिसर का दौरा कर बारीकी से निरीक्षण किया था। • निरीक्षण का समय -: न्यायाधीशों का दल दोपहर करीब 1:50 बजे परिसर पहुँचा और लगभग 55 मिनट तक वहाँ रहा। • क्या देखा -: जजों ने परिसर के स्तंभों, शिलालेखों और वास्तुकला का बारीकी से अवलोकन किया। इस दौरान धार कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक भी उनके साथ मौजूद रहे। • उद्देश्य -: यह दौरा उच्च न्यायालय खंडपीठ इन्दौर में 2 अप्रैल, 2026 को होने वाली अंतिम और निर्णायक सुनवाई से पहले जमीनी हकीकत समझने के लिए किया गया था। सुप्रीम कोर्ट में चुनौती - 1 अप्रैल को अहम सुनवाई :- हाई कोर्ट के इस स्व-निरीक्षण के फैसले को मौलना कमालुद्दीन वेलफेयर सोसाइटी ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। • याचिका का आधार: मुस्लिम पक्ष का तर्क है कि न्यायाधीशों का व्यक्तिगत दौरा और निरीक्षण कानूनी प्रक्रियाओं के दायरे से बाहर हो सकता है। • सुनवाई की तारीख: सुप्रीम कोर्ट में इस विशेष याचिका पर 1 अप्रैल, 2026 को भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की बेंच इस मामले की सुनवाई करेगी ज्ञात हो कि इस पूरे विवाद की जड़ में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की वह 2,189 पन्नों की वैज्ञानिक रिपोर्ट है, जो जुलाई 2024 में सौंपी गई थी। रिपोर्ट के मुख्य निष्कर्षों में कहा गया था कि - • मंदिर का ढांचा -: मौजूदा मस्जिद का निर्माण 11वीं शताब्दी के परमार कालीन हिंदू मंदिर के अवशेषों और स्तंभों का उपयोग करके किया गया था। • मूर्तियाँ और साक्ष्य -: सर्वे के दौरान भगवान गणेश, ब्रह्मा और अन्य देवी-देवताओं के चिन्हों के साथ-साथ संस्कृत शिलालेख भी मिले हैं। • स्तंभों की कला -: परिसर में मिले 188 स्तंभों की वास्तुकला हिंदू मंदिर शैली की ओर इशारा करती है, जिनमें से कई पर आकृतियों को बिगाड़ने (mutilation) के निशान भी मिले हैं। वर्तमान स्थिति और आगे की राह - वर्तमान में, वर्ष 2003 की व्यवस्था के तहत हिंदू समुदाय मंगलवार को पूजा करता है और मुस्लिम समुदाय शुक्रवार को नमाज अदा करता है। मामले में अब महत्वपूर्ण तारीखें - • 1 अप्रैल, 2026: सुप्रीम कोर्ट में जजों के दौरे के खिलाफ याचिका पर सुनवाई। • 2 अप्रैल, 2026: मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में अंतिम बहस और संभवतः बड़ा फैसला। अब पूरे देश की निगाहें इन दोनों अदालतों के फैसलों पर टिकी हैं, जो इस सदियों पुराने विवाद का भविष्य तय करेंगे। आनंद पुरोहित/ 29 मार्च 2026