- अहमदाबाद को मिली आवास, ब्रिज, गार्डन और आधुनिक सुविधाओं की बड़ी सौगात अहमदाबाद (ईएमएस)| गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल के नेतृत्व में अहमदाबाद शहर के सर्वांगीण विकास को गति देने के उद्देश्य से 1,099 करोड़ रुपये के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया। इस अवसर पर शहरवासियों को आवास, ब्रिज, बाग-बगीचे, तालाब, ऑडिटोरियम सहित कई आधुनिक शहरी सुविधाओं की महत्वपूर्ण सौगात मिली। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार शहरों के विकास में नागरिकों के जीवन को अधिक सरल और सुविधाजनक बनाने को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने बताया कि नरेन्द्र मोदी द्वारा वर्ष 2005 में “शहरी विकास वर्ष” के रूप में शुरू की गई पहल आज और अधिक गति से आगे बढ़ रही है, और वर्ष 2025 को भी इसी रूप में मनाया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के प्रयासों से अहमदाबाद को विश्व धरोहर शहर का दर्जा मिला है, और आज यह शहर अपनी वैश्विक पहचान बनाए रखते हुए आधुनिक विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। पिछले पांच वर्षों में अहमदाबाद में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के तहत 13,000 से अधिक सड़क कार्य, 6,152 स्टॉर्म वाटर और सीवरेज कार्य तथा जल वितरण प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए कई योजनाएं लागू की गई हैं। शहर को ग्रीन सिटी बनाने के प्रयासों के तहत केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की प्रेरणा से 110 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से 450 से अधिक विकास कार्य किए गए हैं। सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने के लिए 2,561 करोड़ रुपये की लागत से 21 अर्बन ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट लागू किए गए हैं, जिसमें बीआरटीएस और मेट्रो नेटवर्क को आधुनिक और मॉडल परिवहन प्रणाली के रूप में विकसित किया गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत 4,501 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से हजारों लोगों को आवास उपलब्ध कराए गए हैं। स्वच्छता के क्षेत्र में भी अहमदाबाद ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में “सबसे स्वच्छ शहर” का पुरस्कार प्राप्त किया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि आने वाले समय में शहर में कॉमनवेल्थ गेम्स और वर्ल्ड पुलिस एवं फायर गेम्स के आयोजन की तैयारी चल रही है, जिसके लिए शहर को वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित किया जा रहा है। इसके अलावा साबरमती रिवरफ्रंट को गिफ्ट सिटी तक विस्तारित करने और गांधी आश्रम पुनर्विकास परियोजना को भी तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि “सुपोषित गुजरात” के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए आंगनवाड़ी सेवाओं को डिजिटल बनाया जा रहा है। “पोषण ट्रैकर” ऐप के माध्यम से लाभार्थियों की जानकारी रियल टाइम में अपडेट होगी और सेवाओं की निगरानी अधिक प्रभावी बनेगी। इस अवसर पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को स्मार्टफोन भी वितरित किए गए। महिला एवं बाल विकास मंत्री मनीषा वकील ने बताया कि राज्यभर की लगभग 55 हजार आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को स्मार्टफोन उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण की निगरानी आसान होगी। इसके साथ ही 360 करोड़ रुपये के बजट से नए आंगनवाड़ी भवनों और सुविधाओं का विकास किया जाएगा। शहरी विकास राज्य मंत्री दर्शना वाघेला ने कहा कि सरकार नागरिकों को बेहतर सड़क, शुद्ध पेयजल और मजबूत बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। अंत में मुख्यमंत्री ने विकसित भारत 2047 के संकल्प के साथ स्वच्छ, हरित और क्लाइमेट-फ्रेंडली शहरों के निर्माण के लिए सभी नागरिकों से सहयोग की अपील की। सतीश/30 मार्च