- डायल-112 की रिस्पॉन्स टाइम सुधारने और ड्रग्स नेटवर्क ध्वस्त करने के निर्देश - एफआरवी वाहनों की रीयल-टाइम मॉनिटरिंग और बॉडी वार्न कैमरों का उपयोग होगा अनिवार्य इंदौर (ईएमएस)। शहर की कानून-व्यवस्था को और अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाने तथा अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह ने विभागीय समीक्षा बैठक आयोजित की। कार्यालय सभागार में आयोजित इस बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी अप्रिय स्थिति या दुर्घटना में आमजन की त्वरित सहायता के लिए संचालित डायल-112 (FRV) की कार्यप्रणाली में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने थाना प्रभारियों को निर्देश दिए कि एफआरवी वाहनों में समुचित स्टाफ की उपस्थिति, उपकरणों की कार्यक्षमता और बॉडी वार्न व डैशबोर्ड कैमरों का अनिवार्य उपयोग सुनिश्चित किया जाए। बैठक के दौरान पुलिस कमिश्नर ने अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए नशा तस्करों के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने हेतु योजनाबद्ध तरीके से कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एनडीपीएस एक्ट के आदतन अपराधियों की गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जाए और उनके विरुद्ध सख्त वैधानिक कदम उठाए जाएं। इसके साथ ही, पुलिसिंग में कसावट लाने के लिए बीट और माइक्रो बीट सिस्टम को और अधिक सक्रिय करने पर जोर दिया गया, ताकि जमीनी स्तर पर सूचना तंत्र मजबूत हो सके और अपराधों की रोकथाम समय रहते की जा सके। सामुदायिक पुलिसिंग को बढ़ावा देने की दिशा में उन्होंने मोहल्ला समितियों के साथ नियमित बैठकें करने और जन-संवाद के माध्यम से महिला सुरक्षा, साइबर अपराध व यातायात जागरूकता फैलाने की बात कही। पुलिस आयुक्त ने जोर दिया कि आमजन की शिकायतों का त्वरित और संतोषजनक निराकरण पुलिस की प्राथमिकता होनी चाहिए। बैठक में डायल-112 की तकनीकी टीम द्वारा थाना प्रभारियों को एफआरवी के बेहतर संचालन हेतु विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया। इस महत्वपूर्ण सत्र में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अमित सिंह, आर.के. सिंह सहित सभी जोन के डीसीपी, एडीसीपी और थाना प्रभारी उपस्थित रहे। प्रकाश/30 मार्च 2026