अंतर्राष्ट्रीय
31-Mar-2026


- इलेक्ट्रॉनिक ट्रांसमिशन पर सीमा शुल्क और बौद्धिक संपदा जैसे विषयों पर विवाद बरकरार जिनेवा(ईएमएस)। विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) की हालिया मंत्रिस्तरीय बैठक में वैश्विक व्यापार से जुड़े अहम मुद्दों पर सदस्य देशों के बीच सहमति नहीं बन सकी। विशेष रूप से ई-कॉमर्स, इलेक्ट्रॉनिक ट्रांसमिशन पर सीमा शुल्क, और बौद्धिक संपदा अधिकार जैसे विषयों पर मतभेद गहरे रहे, जिसके कारण बैठक बिना ठोस निष्कर्ष के समाप्त हो गई। बैठक में सबसे अधिक चर्चा इलेक्ट्रॉनिक ट्रांसमिशन पर सीमा शुल्क नहीं लगाने की व्यवस्था को आगे बढ़ाने पर हुई। यह प्रावधान पिछले 28 वर्षों से लागू है और हर दो वर्ष में इसका नवीनीकरण किया जाता रहा है। विकसित देशों ने इसे जारी रखने की वकालत की, जबकि भारत और दक्षिण अफ्रीका जैसे कुछ विकासशील देशों ने इस पर पुनर्विचार की मांग की। उनका तर्क है कि डिजिटल व्यापार तेजी से बढ़ रहा है और इस पर शुल्क न लगने से विकासशील अर्थव्यवस्थाओं को राजस्व का नुकसान हो सकता है। इसके अलावा बौद्धिक संपदा अधिकारों से जुड़े प्रावधानों पर भी व्यापक सहमति नहीं बन पाई। विकासशील देशों ने दवाओं और तकनीक तक सस्ती पहुंच सुनिश्चित करने के लिए लचीलेपन की मांग की, जबकि विकसित देशों ने नवाचार और निवेश की सुरक्षा के लिए कड़े प्रावधानों पर जोर दिया। इन मुद्दों पर लंबे समय तक चली चर्चाओं के बावजूद कोई साझा समाधान सामने नहीं आ सका। मत्स्य पालन सब्सिडी, कृषि समर्थन और ई-कॉमर्स नियमों से जुड़े मसले भी अधर में रहे। संगठन के महानिदेशक ने कहा कि सदस्य देशों के बीच संवाद जारी रहेगा और जिनेवा में आगे की बैठकों में समाधान तलाशने का प्रयास किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और भू-राजनीतिक तनावों के बीच बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली को मजबूत सहमति की आवश्यकता है। हालांकि, विभिन्न देशों के अलग-अलग आर्थिक हितों के चलते व्यापक सहमति बनाना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। अब नजर आगामी वार्ताओं पर है, जहां सदस्य देश लंबित मुद्दों पर आगे बढ़ने की कोशिश करेंगे। नंदिनी परसाई/ 31 मार्च 2026