अंतर्राष्ट्रीय
31-Mar-2026


वाशिंगटन,(ईएमएस)। नासा अपने सबसे महत्वाकांक्षी मिशन को शुरू करने को तैयार है। आर्टेमिस सेंकड मिशन 54 साल बाद इंसानों को चांद के पास ले जाएगा। चार अंतरिक्ष यात्री ओरियन कैप्सूल में बैठकर विशालकाय एसएलएस रॉकेट से उड़ान भरने वाले है। यह मिशन लांच 1 अप्रैल 2026 को फ्लोरिडा के केनेडी स्पेस सेंटर से होने वाला है। यह मिशन करीब 10 दिन का होगा। इसमें चांद के चारों ओर घूमकर वापस पृथ्वी आना है। चांद पर उतरना नहीं है। आर्टेमिस सेंकड के अंतरिक्ष यात्री पृथ्वी से सबसे ज्यादा दूर जाएंगे। वे चांद के पास तक करीब 4 लाख 2 हजार किलोमीटर दूर पहुंचने वाले है। यह अपोलो 13 मिशन से भी 2414 किलोमीटर ज्यादा दूरी है। मिशन फ्री-रिटर्न ट्रैजेक्टरी पर चलेगा यानी चांद के पीछे से घूमकर बिना रॉकेट जलाए वापस आ जाएंगे। चांद के पीछे जाते समय 50 मिनट तक रेडियो संपर्क भी नहीं रहेगा। यह रिकॉर्ड लंबे समय तक कायम रह सकता है क्योंकि आगे के मिशन इस तरह की ट्रैजेक्टरी नहीं अपनाएंगे। इस मिशन में अंतरिक्ष यात्री पृथ्वी पर वापस आने के समय सबसे तेज स्पीड से आएंगे। उनकी री-एंट्री स्पीड 40200 किलोमीटर प्रति घंटा से ज्यादा होगी। जो कि अपोलो 10 के रिकॉर्ड को तोड़ देगी। इतनी तेज स्पीड से आने पर ओरियन कैप्सूल के हीट शील्ड पर बहुत ज्यादा गर्मी पड़ेगी। नासा का कहना है कि हीट शील्ड इस गर्मी को सहन कर लेगी। इस वजह से ये अंतरिक्ष यात्री इतिहास के सबसे तेज इंसान भी बन जाएंगे। पायलट विक्टर ग्लोवर इस मिशन में इतिहास रचने वाले है। वे चांद के पास जाने वाले पहले ब्लैक अंतरिक्ष यात्री बनने वाले है। वे पहले भी स्पेस स्टेशन जा चुके हैं। स्पेसएक्स के ड्रैगन कैप्सूल को पायलट करने वाले पहले व्यक्ति हैं। आर्टेमिस सेंकड में वे ओरियन कैप्सूल को भी थोड़ी देर के लिए मैन्युअल कंट्रोल करेगा। मिशन स्पेशलिस्ट क्रिस्टीना कोच पहली महिला बनेंगी जो लो अर्थ ऑर्बिट से आगे चंद्रमा के पास जाएगी। उन्होंने पहले स्पेस स्टेशन पर महिला का सबसे लंबा लगातार स्पेस फ्लाइट रिकॉर्ड 328 दिन का बनाया था। उन्होंने पहले सभी महिला स्पेसवॉक में भी हिस्सा लिया था। इस मिशन में लॉन्च के 40 मिनट बाद वे और जेरेमी हैनसेन सबसे पहले सीट से उठकर जीवन रक्षा प्रणाली सेट करने वाले है। कैनेडियन स्पेस एजेंसी के जेरेमी हैनसेन इस मिशन में पहला गैर-अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री बनने वाले हैं, जो चंद्रमा के पास जाएंगे। वे 50 साल के हैं। यह उनकी पहली स्पेस फ्लाइट होगी। उन्हें स्पेस एडाप्टेशन सिंड्रोम होने का डर है, इसलिए वे शुरुआत में सावधानी बरतने वाले है। कमांडर रीड वाइसमैन 50 साल के हैं। चंद्रमा के पास जाने वाले सबसे उम्रदराज व्यक्ति बनने का मौका पा रहे है। इससे पहले अपोलो 14 के एलन शेपर्ड 47 साल के थे। पूरी टीम में ग्लोवर और हैनसेन भी शेपर्ड से बड़े हैं, जबकि कोच सिर्फ 72 दिन छोटी हैं। नासा अब अनुभवी अंतरिक्ष यात्रियों को प्राथमिकता दे रहा है। यह मिशन एसएलएस रॉकेट का पहला क्रूड लांच होगा। ओरियन कैप्सूल को इंसानों के साथ पहली बार उड़ाया जाएगा। इसमें लेजर से कम्युनिकेशन सिस्टम की भी परीक्षा होगी जो भविष्य के मून बेस के लिए जरूरी है। साथ ही, चांद जाने वाला पहला पूरा काम करने वाला शौचालय भी इस मिशन में होगा। अपोलो में सिर्फ बैग्स थे। आशीष दुबे / 31 मार्च 2026