देवरी/सागर (ईएमएस)। देवरी नगर की जीवनदायनी सुखचैन नदी अपने अस्तित्व के लिए लगातार संघर्ष कर रही है जहां पर सरकारी रिकॉर्ड में गंगा जल संवर्धन अभियान 19मार्च से शुरू होकर 139 दिनों तक चलना जहा अधिकारियों द्वारा कहा जा रहा सुखचैन नदी का कायाकल्प किया जाएगा ।गंगाजल संवर्धन अभियान के अंतर्गत जेसीबी से बंधा पुल के नीचे सफाई कराई जा रही थी 15,दिनों में जे सी बी मशीन लगभग 50 मीटर के एरिया को ही साफ कर पाई और सीमित रहा गंगाजल संवर्धन अभियान ।।जानकारी के अनुसार गर्मियों के दिनों में सुखचैन नदी देवरी की जीवनदायिनी नदी मानी जाती है सारी नदी में गंदगी का अंबार लगा हुआ है ।नदी में कहीं भी नहाने कपड़े धोने मवेशियों को पानी पीने आदि की कोई व्यवस्था नहीं है नदी में जलकुंभी का भारी प्रकोप देखने को मिलता है एवं नगर की सारी गंदगी नालियों का पानी नदी में मिलने से पानी दूषित हो रहा । पानी पर मानो जलकुंभी की हरियाली ऐसी छाई है जैसे यहां नदी कभी थी ही नहीं ।पहले नगरपालिका के अधिकारियों द्वारा जल गंगा संवर्धन अभियान के नाम पर नदी में कुछ घंटे के लिए जे सी बी चलाई गई थी जिससे नदी की साफ सफाई में कोई अंतर नहीं पड़ा प्रशासन को इस ओर ध्यान देकर नदी के अस्तित्व को बचाने की पहल करनी चाहिए। इनका कहना है - किन्हीं कारणों से काम रुक गया था जल्द से निरंतर नदी की सफाई कराई जाएगी । के बी एस बघेल मुख्य नगरपालिका अधिकारी देवरी निखिल सोधिया/ईएमएस/02/04/2026