क्षेत्रीय
02-Apr-2026
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बालाघाट (ईएमएस). जिले में संचालित जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत 1 अप्रैल को बालाघाट विकासखंड के ग्राम चिचगांव, किरनापुर विकासखंड के ग्राम देवगांव और वारासिवनी विकासखंड के ग्राम कटंगटोला में विभिन्न जनजागरूकता एवं तकनीकी गतिविधियां आयोजित की गईं। इन गतिविधियों का उद्देश्य पेयजल की गुणवत्ता सुनिश्चित करना एवं ग्रामीणों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करना रहा। अभियान के तहत स्कूलों एवं आंगनबाडिय़ों में फील्ड टेस्टिंग किट के माध्यम से पेयजल स्रोतों के नमूनों की मौके पर ही जांच की गई। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के मार्गदर्शन में प्रशिक्षित एफटीके उपयोगकर्ताओं द्वारा जल के प्रमुख मानकों—क्लोरीन, आयरन एवं फ्लोराइड की जांच कर परिणामों की जानकारी तत्काल दी गई। इस दौरान सामुदायिक भागीदारी को भी विशेष महत्व दिया गया। ग्राम के सरपंच, सचिव, शिक्षक, छात्र-छात्राएं, स्व-सहायता समूह की महिलाएं एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को जल परीक्षण एवं उसके महत्व के संबंध में प्रशिक्षण प्रदान किया गया। अधिकारियों ने बताया कि यदि किसी जल नमूने में गुणवत्ता संबंधी कमी पाई जाती है, तो उसे विस्तृत परीक्षण के लिए जिला अथवा विकासखंड स्तर की प्रयोगशाला में भेजा जाता है, जिससे शुद्ध पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके। इसके साथ ही गांवों में जल स्रोतों के आसपास साफ-सफाई अभियान चलाया गया, जिसमें ग्रामीणों, शिक्षकों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं महिला समूहों ने सक्रिय भागीदारी निभाई और स्वच्छता के प्रति जागरूकता का संदेश दिया। ग्राम कटंगटोला में पाइपलाइन लीकेज सुधारने का कार्य भी किया गया, जिससे जल अपव्यय को रोका जा सके। वहीं वारासिवनी उपखंड कार्यालय में पंप चालकों को एफटीके के उपयोग का प्रशिक्षण दिया गया तथा उन्हें किट का वितरण भी किया गया। भानेश साकुरे / 02 अप्रैल 2026