राष्ट्रीय
03-Apr-2026


नई दिल्ली (ईएमएस)। रूस ने एक बार फिर भारत को कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की सप्लाई बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है। रूस ने कहा है कि अगर जरूरत हो तो वह तेल और गैस की सप्लाई बढ़ाने के लिए तैयार है। सूत्रों के मुताबिक, रूस के पहले डिप्टी प्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव ने भारत दौरे के दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और विदेश मंत्री एस. जयशंकर से गुरुवार को मुलाकात की, जिसमें ऊर्जा सहयोग पर खास चर्चा हुई। नई दिल्ली में हुई बैठकों के बाद जारी रूसी बयान में कहा गया कि तेल और गैस क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग पर विशेष ध्यान दिया गया। बयान के मुताबिक, “डेनिस मंटुरोव ने पुष्टि की कि रूसी कंपनियों के पास भारतीय बाजार में तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस की सप्लाई लगातार बढ़ाने की क्षमता है।” यह प्रस्ताव ऐसे समय आया है जब ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजराइल के हमलों से वैश्विक ऊर्जा बाजार पर दबाव बढ़ गया है। ईरान जवाबी कार्रवाई करते हुए खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों पर हमले कर रहा है और उसने अहम समुद्री मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, को भी बंद कर दिया है, जिससे तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित हुई है। फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच स्थित यह संकीर्ण मार्ग दुनिया के करीब 20% तेल और LNG ट्रांसपोर्ट का मुख्य रास्ता है। भारत भी खाड़ी देशों से बड़ी मात्रा में तेल-गैस आयात करता है। रूसी तेल पर डोनाल्ड ट्रंप की सख्ती के चलते भारत ने पहले रूस से आयात कम कर दिया था और मिडिल ईस्ट से खरीद बढ़ाई थी। लेकिन होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से सप्लाई बाधित हुई। इसके बाद बढ़ती कीमतों को देखते हुए ट्रंप ने भारत को रूस से तेल आयात की अस्थायी छूट दी, जिसके बाद भारतीय रिफाइनरियों ने फिर से रूस से बड़े पैमाने पर तेल खरीदना शुरू कर दिया। सुबोध/०३-०४-२०२६