अंतर्राष्ट्रीय
07-Apr-2026


वॉशिंगटन(ईएमएस)। पश्चिम एशिया इस वक्त बारूद के ऐसे ढेर पर बैठा है, जिसकी चिंगारी पूरी दुनिया को दहला सकती है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को दी गई मोहलत आज खत्म हो रही है। ट्रंप ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने का समझौता नहीं किया, तो पूरे देश को एक ही रात में तबाह कर दिया जाएगा। व्हाइट हाउस से जारी इस हाहाकारी धमकी ने ईरान के अस्तित्व पर संकट खड़ा कर दिया है। डोनाल्ड ट्रंप ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में सख्त लहजे में कहा कि मंगलवार की रात ईरान के लिए पावर प्लांट और ब्रिज डे साबित होगी। इसका सीधा अर्थ है कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही शुरू नहीं हुई, तो अमेरिकी वायुसेना ईरान के बिजली घरों, पुलों और बुनियादी ढांचे को मलबे में तब्दील कर देगी। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने भी पुष्टि की है कि अब तक के सबसे भीषण हमले की तैयारी पूरी हो चुकी है। इस मिशन के लिए घातक बी-2 स्पिरिट स्टेल्थ बॉम्बर को तैनात किया गया है, जो किसी भी देश के डिफेंस सिस्टम को चकमा देकर भारी तबाही मचाने में सक्षम है। वहीं, इजरायल ने भी ईरान पर दबाव बढ़ाते हुए उसके सबसे बड़े साउथ पार्स गैस फील्ड के पेट्रोकेमिकल प्लांट को निशाना बनाया है। इस हमले में ईरान की सैन्य इकाई आईआरजीसी के इंटेलिजेंस चीफ मेजर जनरल माजिद खादेमी समेत दो कमांडर मारे गए हैं। इजरायली सेना ने तेहरान के तीन प्रमुख हवाई अड्डों पर भी भारी बमबारी की है, जिसमें ईरान के दर्जनों सैन्य विमान और हेलीकॉप्टर नष्ट हो गए हैं। इतनी बड़ी तबाही के बावजूद ईरान का रुख बेहद कड़ा बना हुआ है। तेहरान ने 45 दिनों के सीजफायर प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया है। ईरान का कहना है कि उन्हें ट्रंप प्रशासन पर भरोसा नहीं है और वे केवल स्थायी शांति समझौता चाहते हैं, न कि युद्ध की नई तैयारी के लिए कोई अस्थायी ब्रेक। ईरान ने पाकिस्तान के जरिए 10 सूत्रीय जवाब भेजा है, जिसमें प्रतिबंध हटाने और पुनर्निर्माण की मांग की गई है।दुनिया के 20 प्रतिशत तेल व्यापार का रास्ता स्ट्रेट ऑफ होर्मुज फिलहाल जंग का मुख्य केंद्र बन गया है। संयुक्त राष्ट्र ने नागरिक बुनियादी ढांचों पर हमले को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है, लेकिन अमेरिका पीछे हटने को तैयार नहीं दिख रहा। अब ईरान के पास चंद घंटों का समय बचा है; या तो वह झुककर समझौता करे या फिर एक ऐसी विनाशकारी रात का सामना करे जो इतिहास बदल सकती है। वीरेंद्र/ईएमएस/07अप्रैल2026 ---------------------------------