अंतर्राष्ट्रीय
07-Apr-2026


तेहरान(ईएमएस)। ईरान में जारी युद्ध अब अपने छठे हफ्ते में प्रवेश कर चुका है, जिससे मध्य पूर्व के हालात बेकाबू होते नजर आ रहे हैं। जिस संघर्ष को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जल्द समाप्त करने का दावा कर रहे थे, अब वह उनके लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। ट्रंप ने ईरान को नया अल्टीमेटम देते हुए स्पष्ट किया है कि यदि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को तय समय सीमा के भीतर नहीं खोला गया, तो अमेरिका ईरान के बिजली घरों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचों पर भीषण हमले शुरू कर देगा। दूसरी ओर, ईरान अपने रुख पर अडिग है। तेहरान ने साफ कर दिया है कि जब तक उसे युद्ध में हुए आर्थिक और भौतिक नुकसान का उचित मुआवजा नहीं मिल जाता, तब तक वह होर्मुज जलडमरूमध्य से प्रतिबंध नहीं हटाएगा। रणभूमि से आ रही खबरों के मुताबिक, एक बड़े रेस्क्यू ऑपरेशन में उस अमेरिकी पायलट को सुरक्षित निकाल लिया गया है, जिसका फाइटर जेट ईरान की सीमा में गिर गया था। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि इस जोखिम भरे मिशन में कोई अमेरिकी हताहत नहीं हुआ, हालांकि पायलट घायल है। इसी दौरान, होर्मुज के पास एक ए-10 थंडरबोल्ट 2 विमान भी दुर्घटनाग्रस्त हो गया, लेकिन राहत की बात रही कि उसके पायलट को भी समय रहते बचा लिया गया। युद्ध को रोकने के लिए कूटनीतिक स्तर पर हलचल तेज है। ओमान लगातार ईरान के साथ संपर्क में है ताकि तेल की आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण मार्ग को खुलवाया जा सके। वहीं, पाकिस्तान और मिस्र भी अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता की कोशिश कर रहे हैं। हालाँकि, जमीनी हालात इसके विपरीत हैं। ईरान ने चेतावनी दी है कि वह इजरायल और उसके सहयोगियों के ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले तेज करेगा। इस खींचतान के कारण वैश्विक स्तर पर तेल की आपूर्ति ठप हो रही है, जिससे ऊर्जा संकट का खतरा गहरा गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बुनियादी ढांचों को और नुकसान पहुँचा, तो इसकी भरपाई में कई साल लग सकते हैं। वीरेंद्र/ईएमएस/07अप्रैल2026