जयपुर (ईएमएस)। राज्य में अंगदान एवं प्रत्यारोपण गतिविधियों को सुदृढ़ करने और इसे एक जन-अभियान बनाने के उद्देश्य से चिकित्सा शिक्षा विभाग की प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री ए. राठौड़ की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रदेश में अंगदान की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की गई और भविष्य के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए गए। श्रीमती राठौड़ ने निर्देश दिए कि डीसीज्ड (मरणोपरांत) अंगदान को प्रोत्साहित करने के लिए अस्पतालों के की प्रभावी मॉनिटरिंग की जाएगी। साथ ही, नियमित मृत्यु ऑडिट लागू किए जाएंगे ताकि संभावित डोनर्स की समय पर पहचान हो सके और निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित हो। राज्य में एनओसी पोर्टल को शीघ्र क्रियान्वित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त, चिकित्सा कर्मियों के लिए एक वार्षिक प्रशिक्षण कैलेंडर तैयार किया जाएगा ताकि क्षमता निर्माण सुनिश्चित हो सके।नॉन-ट्रांसप्लांट ऑर्गन रिट्रीवल सेंटर्स की निगरानी बढ़ाई जाएगी और किडनी ट्रांसप्लांट केंद्रों की क्षमता में वृद्धि हेतु आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।अंगदान के प्रति समाज में सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने के लिए के सहयोग से व्यापक अभियान चलाए जाएंगे। स्वास्थ्य तंत्र के निचले स्तर (जैसे ष्ट॥ष्ट) तक संवेदनशीलता बढ़ाई जाएगी।प्रमुख शासन सचिव ने जोर दिया कि लाइव और डीसीज्ड डोनेशन के बीच बेहतर समन्वय के लिए तंत्र को और मजबूत किया जाएगा। आवश्यक मानव संसाधन (मैनपावर) की कमी को दूर कर अंगदान की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया जाएगा। - अशोक शर्मा/ 5 बजे/7 अप्रेल 2026