वाशिंगटन (ईएमएस)। अंतरिक्ष वैज्ञानिकों का कहना है कि अंतरिक्ष से दिखाई देने वाला चांद धरती से दिखने वाले चांद से काफी अलग है। अंतरिक्ष से चांद को देखने के अपने अनुभव को नासा के आर्टेमिस-II मिशन पर गए अंतरिक्ष यात्रियों ने साझा किए हैं। अंतरिक्ष यात्रियों ने बताया कि अंतरिक्ष से दिखाई देने वाला चांद धरती से दिखने वाले चांद से काफी अलग नजर आता है। मीडिया से चर्चा में क्रिस्टीना कोच ने कहा कि अंतरिक्ष में चांद को देखने का अनुभव बेहद अलग और थोड़ा उलझन भरा था। उन्होंने बताया कि चांद का अंधेरा हिस्सा अपनी सामान्य स्थिति में नहीं लगता, जिससे दृश्य कुछ अजीब महसूस होता है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि यह वही हिस्सा है, जिसे पहले भी देखा गया है, लेकिन अंतरिक्ष से उसका नजरिया बदल जाता है। इस अनजान दृश्य को समझने के लिए क्रू मेंबर्स ने अपने ट्रेनिंग मटेरियल की मदद ली और उसे वास्तविक दृश्य से मिलाकर समझने की कोशिश की। अंतरिक्ष यात्रियों के अनुसार, अंतरिक्ष से दिखाई देने वाले दृश्य उनके लिए पूरी तरह नए और अलग हैं, जिन्हें समझने के लिए उन्हें लगातार अपने प्रशिक्षण का सहारा लेना पड़ रहा है। इस दौरान पूरे क्रू में काफी उत्साह है और वे इस अनुभव को लेकर बेहद रोमांचित हैं। कैप्सूल के अंदर की स्थिति के बारे में बताते हुए कोच ने कहा कि ओरियन कैप्सूल के भीतर रहना आरामदायक है। करीब 16.5 फीट चौड़े इस कैप्सूल में कैंपर वैन जैसी जगह उपलब्ध है, जहां अंतरिक्ष यात्री आराम से सो भी पा रहे हैं। उन्होंने हल्के अंदाज में कहा कि अंतरिक्ष में भी वे सामान्य इंसानों की तरह अपनी दिनचर्या बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं। नासा का यह मिशन 10 अप्रैल को प्रशांत महासागर में स्प्लैशडाउन के साथ पूरा होने की उम्मीद है। इस मिशन के जरिए नासा चांद पर मानव मिशन की तैयारी को आगे बढ़ा रहा है। एजेंसी का लक्ष्य 2028 तक चांद के दक्षिणी ध्रुव के पास अंतरिक्ष यात्रियों को उतारना और भविष्य में वहां स्थायी बेस स्थापित करना है। बता दें कि क्रिस्टीना कोच, रीड वाइसमैन, विक्टर ग्लोवर और जेरेमी हैनसेन इस समय ओरियन कैप्सूल के जरिए चंद्र मिशन पर हैं। सुदामा/ईएमएस 09 अप्रैल 2026