सूरजपुर(ईएमएस)। जिले के दूरस्थ चांदनी बिहारपुर क्षेत्र के महुली ग्राम पंचायत में स्थित उप स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों की कमी के कारण स्वास्थ्य सेवाएं ठप हो गई हैं। पिछले एक महीने से अस्पताल में ताला लटका हुआ है, जिससे आसपास के 16 गांवों के लोग इलाज के लिए भटकने को मजबूर हैं। जानकारी के अनुसार, इस उप स्वास्थ्य केंद्र को एक साल पहले ही पीएचसी का दर्जा दिया गया था। यहां पहले दो डॉक्टर तैनात थे, लेकिन एक डॉक्टर डॉ. शैलेंद्र अग्रहरि का निधन हो गया, जबकि दूसरे डॉक्टर डॉ. अजीत राय पासल का अस्थायी अटैचमेंट खत्म होने के बाद वे अपने मूल पद पर लौट गए। इसके बाद से केंद्र में कोई डॉक्टर उपलब्ध नहीं है। वर्तमान में यहां केवल एक नर्स एनिमका तिर्की पदस्थ हैं, जिनकी ड्यूटी टीकाकरण में लगी रहती है। ऐसे में अस्पताल अधिकतर समय बंद रहता है। इस स्वास्थ्य केंद्र पर महुली, कोल्हूआ, खोहिर, रामगढ़, कछवारी, बैजनपाठ, लुल्ह, भून्डा, तेलाईपाठ, जूड़वनिया समेत करीब 16 गांवों के लोग निर्भर हैं। डॉक्टर नहीं होने के कारण गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मरीजों को 14 किलोमीटर दूर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिहारपुर जाना पड़ता है या फिर झोलाछाप डॉक्टरों का सहारा लेना पड़ रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जेडी (हेल्थ) सरगुजा डॉ. अनिल शुक्ला ने सूरजपुर के सीएमएचओ डॉ. कपिल पैकरा को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। वहीं ग्राम पंचायत अन्तिकापुर के उपसरपंच तुलसीराम जायसवाल ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर महुली में पीएचसी को तत्काल शुरू करने और एम्बुलेंस सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है। ग्रामीणों में लगातार बढ़ती नाराजगी के बीच चेतावनी दी गई है कि यदि जल्द स्वास्थ्य सेवाएं बहाल नहीं की गईं, तो आंदोलन किया जाएगा। सीएमएचओ डॉ. कपिल पैकरा ने बताया कि ओड़गी ब्लॉक में स्वीकृत पदों के मुकाबले करीब 60 प्रतिशत पद खाली हैं, जिससे डॉक्टरों की भारी कमी बनी हुई है। नई भर्ती के बाद ही स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों की तैनाती संभव हो सकेगी। सत्यप्रकाश(ईएमएस)09 अप्रैल 2026