राज्य
09-Apr-2026


रामगढ़(ईएमएस)।झारखंड की आस्था और पर्यटन का प्रमुख केंद्र मां छिन्नमस्तिके मंदिर, रजरप्पा अब व्यापक विकास की ओर तेजी से बढ़ रहा है।गुरुवार को राज्य सरकार के पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग के सचिव मुकेश कुमार ने रजरप्पा मंदिर पहुंचकर प्रस्तावित रजरप्पा मंदिर परिसर पुनर्विकास परियोजना का विस्तृत निरीक्षण किया और अधिकारियों को कई अहम दिशा-निर्देश दिया। निरीक्षण की शुरुआत मंदिर परिसर स्थित प्रशासनिक भवन में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के साथ हुई।बैठक में रामगढ़ के उपायुक्त फैज अक अहमद मुमताज, पर्यटन विभाग के संयुक्त सचिव मोइन उद्दीनखान, जेटीडीसी के प्रबंध निदेशक, उप विकास आयुक्त आशीष अग्रवाल, वन प्रमंडल पदाधिकारी नीतीश कुमार सहित जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग के कई वरीय अधिकारी उपस्थित रहे।इस दौरान मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण, आधारभूत संरचना के विस्तार, प्रस्तावित बजट, तकनीकी ब्लूप्रिंट और कार्यान्वयन की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गयी।पर्यटन सचिव ने कहा कि पर्यटन विभाग और जिला प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल इस परियोजना की सफलता की कुंजी है। सभी विभाग मिलकर कार्य करेंगे, तो रजरप्पा का विकास तेजी से और बेहतर तरीके से संभव होगा।इस पहल से स्पष्ट है कि आने वाले समय में रजरप्पा धाम का स्वरूप पूरी तरह बदलने वाला है।आस्था, प्राकृतिक सौंदर्य और आधुनिक सुविधाओं के समन्वय के साथ यह स्थल न केवल श्रद्धालुओं के लिए और अधिक आकर्षक बनेगा, बल्कि वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर भी अपनी मजबूत पहचान स्थापित करेगा। मौके पर जिला पर्यटन पदाधिकारी संजीत कुमार, एसडीपीओ हेडक्वार्टर चंदन वत्स, रजरप्पा महाप्रबंधक राजीव सिंह, चितरपुर सीओ दीपक मिंज, गोला सीओ सीताराम महतो, रजरप्पा थाना प्रभारी कृष्ण कुमार, रजरप्पा के सीएसआर पदाधिकारी आशीष झा, मंदिर न्यास समिति के सचिव शुभाशीष पंडा सहित कई मौजूद थे।बैठक के बाद सचिव ने अधिकारियों व पुजारियों के साथ पूरे मंदिर परिसर का भ्रमण कर प्रस्तावित विकास स्थलों का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विकास कार्यों के दौरान मंदिर की धार्मिक गरिमा और प्राकृतिक सौंदर्य से किसी प्रकार का समझौता न किया जाये। रजरप्पा क्षेत्र के वन और प्राकृतिक वातावरण को संरक्षित रखते हुए ही सभी कार्य किये जाये। बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि मंदिर आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। बेहतर सड़क संपर्क, सुव्यवस्थित पार्किंग, सुगम आवागमन, आधुनिक कतार प्रबंधन प्रणाली, स्वच्छता व्यवस्था, पेयजल, शौचालय और विश्राम स्थल जैसी मूलभूत सुविधाओं को और बेहतर बनाया जायेगा। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था को भी सुदृढ़ करने का निर्देश दिया गया, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की कोई असुविधा न हो।सचिव ने कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता के साथ किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी।सभी कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप और तय समय सीमा के भीतर पूरे किये जाये।इसके लिए सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने की जरूरत है, ताकि किसी भी तरह की तकनीकी या प्रशासनिक बाधा उत्पन्न न हो।अधिकारियों ने सचिव को आश्वस्त किया कि सभी कार्य गुणवत्ता और समय सीमा के अनुरूप पूरे किये जायेंगे।सचिव ने बताया कि इस पुनर्विकास परियोजना का उद्देश्य रजरप्पा को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना है। इससे पर्यटन को नया आयाम मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नये अवसर सृजित होंगे।होटल, परिवहन, छोटे व्यवसाय और स्थानीय उत्पादों को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा, जिससे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। कर्मवीर सिंह/09अप्रैल/26