नई दिल्ली (ईएमएस)। अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली अहम शांति वार्ता से पहले बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। भारत में इज़राइल के राजदूत रूवेन अज़ार ने पाकिस्तान पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि उन्हें पाकिस्तान पर बिल्कुल भरोसा नहीं है। उन्होंने साफ कहा कि पाकिस्तान “आतंकवाद को समर्थन देने वाला देश” है, इसलिए उस पर भरोसा करना मुश्किल है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि इज़राइल इस मामले में अपने अमेरिकी सहयोगियों पर निर्भर करेगा। दरअसल, पाकिस्तान इस समय अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है और इस्लामाबाद में दोनों देशों के बीच अहम बातचीत होने वाली है। इस बैठक का मकसद हाल ही में हुए दो हफ्ते के सीजफायर को मजबूत करना और स्थायी शांति का रास्ता निकालना है। ईरान ने संकेत दिया है कि वह अपनी 10 सूत्रीय योजना के आधार पर बातचीत करेगा, जिसमें प्रतिबंधों में राहत, भविष्य में हमलों की गारंटी और होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े मुद्दे शामिल हैं। हालांकि, अमेरिका और ईरान के बीच पहले से ही गहरा अविश्वास बना हुआ है। खासतौर पर लेबनान में जारी हमलों और सीजफायर उल्लंघन के आरोपों ने स्थिति को और जटिल बना दिया है। इज़राइल के इस बयान से साफ है कि वह पाकिस्तान की मध्यस्थ भूमिका को स्वीकार नहीं कर रहा है। इससे शांति वार्ता से पहले ही कूटनीतिक माहौल और तनावपूर्ण हो गया है। सुबोध/०९-०४-२०२६