अंतर्राष्ट्रीय
11-Apr-2026
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कोपेनहेगन (ईएमएस)। दुनियाभर में लोकप्रिय दवा ओजेम्पिक एक नई रिसर्च के बाद सुरक्षा को लेकर सवालों में घिर गई है। दवा को लेकर की गई ताजा स्टडी में सामने आया है कि इस दवा का उपयोग करने वाले मरीजों में आंखों से जुड़ी एक दुर्लभ लेकिन गंभीर बीमारी का खतरा बढ़ सकता है। वैज्ञानिकों ने नैयान (नॉन-आर्टेरिटिक एंटीरियर इस्केमिक ऑप्टिक न्यूरोपैथी) नामक बीमारी पर विशेष ध्यान दिया। यह स्थिति तब उत्पन्न होती है जब आंख की ऑप्टिक नर्व तक रक्त प्रवाह अचानक बाधित हो जाता है, जिससे दृष्टि पर गंभीर असर पड़ सकता है। कई मामलों में यह समस्या स्थायी अंधेपन का कारण भी बन सकती है और इसे आम भाषा में “आंखों का स्ट्रोक” कहा जाता है। इस अध्ययन में टाइप-2 डायबिटीज से पीड़ित 4.24 लाख से अधिक मरीजों के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया। शोध में पाया गया कि ओजेंपिक लेने वाले मरीजों में इस बीमारी का खतरा अन्य दवाएं लेने वालों की तुलना में लगभग दोगुना था। आंकड़ों के अनुसार, 2018 से पहले जहां इस बीमारी के 60 से 70 मामले सालाना सामने आते थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर करीब 150 तक पहुंच गई है। इससे पहले अमेरिका में हुई एक छोटी स्टडी में भी इसी तरह के संकेत मिले थे, जिसे अब डेनमार्क की इस विस्तृत रिसर्च ने और मजबूत किया है। हालांकि, विशेषज्ञ यह भी स्पष्ट कर रहे हैं कि यह बीमारी अब भी दुर्लभ श्रेणी में आती है और हर मरीज को इससे खतरा नहीं होता। ओजेम्पिक की लोकप्रियता तेजी से बढ़ने के पीछे इसकी प्रभावी क्षमता है। यह दवा ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में काफी कारगर मानी जाती है और वजन घटाने में भी मददगार साबित हुई है। यही कारण है कि कई गैर-डायबिटिक लोग भी इसका उपयोग करने लगे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस नए निष्कर्ष के बावजूद मरीजों को घबराने की जरूरत नहीं है। बिना डॉक्टर की सलाह के दवा बंद करना नुकसानदायक हो सकता है, क्योंकि अनियंत्रित डायबिटीज के अपने गंभीर जोखिम होते हैं। सुदामा/ईएमएस 11 अप्रैल 2026