वॉशिंगटन,(ईएमएस)। चांद के चारों ओर ऐतिहासिक फ्लाईबाय पूरा कर लौटे आर्टेमिस-2 मिशन के चारों अंतरिक्ष यात्रियों का शनिवार को ह्यूस्टन में भव्य स्वागत किया गया। 10 दिनों तक अंतरिक्ष की गहराइयों में रहने और मानव इतिहास की सबसे लंबी दूरी तय करने का रिकॉर्ड बनाने के बाद जब यह दल अपने परिवार से मिला, तो जॉनसन स्पेस सेंटर खुशियों और आंसुओं का गवाह बना। नासा के प्रशासक जारेड आइजैकमैन ने इस मिशन को मानवता के लिए एक बड़ी छलांग करार दिया। इस ऐतिहासिक मिशन के अनुभवों को साझा करते हुए अंतरिक्ष यात्रियों ने विज्ञान से परे मानवीय भावनाओं और जुड़ाव पर ज़ोर दिया। मिशन कमांडर रीड वाइसमैन ने भावुक होते हुए बताया कि पृथ्वी से 2 लाख मील से भी अधिक की दूरी पर रहना एक बड़ी चुनौती थी। उन्होंने साझा किया कि शून्य के बीच रहकर उन्हें सबसे ज्यादा अपने परिवार और दोस्तों की कमी महसूस हुई। वाइसमैन के अनुसार, यह उनके जीवन का सबसे अनमोल अनुभव था जिसे शब्दों में समेटना कठिन है। अंतरिक्ष यात्री विक्टर ग्लोवर ने अपनी इस रहस्यमयी यात्रा को अविस्मरणीय बताया। उन्होंने सुरक्षित वापसी के लिए ईश्वर का धन्यवाद किया और कठिन प्रशिक्षण से लेकर मिशन के अंत तक परिवार से मिले समर्थन के प्रति आभार व्यक्त किया। क्रिस्टीना कोच ने अंतरिक्ष से पृथ्वी को देखने के अपने अनुभव को एक गहरा जीवन दर्शन बताया। उन्होंने कहा कि जब आप अंतरिक्ष की असीम गहराइयों से धरती को एक छोटे से बिंदु के रूप में देखते हैं, तो अहसास होता है कि पृथ्वी ही हमारा साझा घर है। उन्होंने टीम वर्क के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि एक क्रू होने का मतलब हर स्थिति में एक-दूसरे का संबल बनना है। कनाडाई अंतरिक्ष यात्री जेरेमी हैनसन ने मिशन के दौरान टीम की ऊर्जा को जॉय ट्रेन का नाम दिया। उन्होंने कहा कि यह मिशन केवल तकनीकी सफलता नहीं, बल्कि इंसानी जुड़ाव की एक अद्भुत कहानी है। आर्टेमिस-2 की इस सफलता ने अब 2027 में होने वाले आर्टेमिस-3 मिशन का मार्ग प्रशस्त कर दिया है, जिसके तहत मनुष्य एक बार फिर चंद्रमा की सतह पर कदम रखेगा। फिलहाल, ये चारों यात्री अपने अनुभवों के जरिए दुनिया को अंतरिक्ष की विशालता और पृथ्वी की महत्ता का पाठ पढ़ा रहे हैं। वीरेंद्र/ईएमएस/12अप्रैल2026