इजरायल ने ईरान के खिलाफ संघर्ष जारी रखने की दोहराई प्रतिबद्धता तेल अवीव,(ईएमएस)। मध्य पूर्व की राजनीति में एक बार फिर तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोगन पर तीखा हमला बोला है। यह प्रतिक्रिया अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में हुए युद्धविराम समझौते पर एर्दोगन की टिप्पणियों के बाद आई है। नेतन्याहू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट करते हुए कहा, कि उनके नेतृत्व में इजरायल ईरान और उसके क्षेत्रीय सहयोगियों के खिलाफ अपनी कार्रवाई जारी रखेगा। उन्होंने एर्दोगन पर आरोप लगाते हुए कहा कि तुर्की ऐसे तत्वों को शरण देता है, जबकि इजरायल अपने राष्ट्रीय सुरक्षा हितों की रक्षा के लिए दृढ़ता से खड़ा है। साथ ही, उन्होंने एर्दोगन पर अपने ही कुर्द नागरिकों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने का भी आरोप लगाया। दरअसल, इस सप्ताह अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम पर सहमति बनी थी, जिसके बाद एर्दोगन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को संभावित उकसावों और तोड़फोड़ को लेकर चेतावनी दी थी। उन्होंने आशंका जताई थी कि कुछ ताकतें इस समझौते को विफल करने की कोशिश कर सकती हैं, हालांकि उन्होंने किसी विशेष देश या संगठन का नाम नहीं लिया। इससे पहले नेतन्याहू ने दावा किया था कि अमेरिका और इजरायल के संयुक्त अभियान ने ईरान के परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रमों को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि इजरायल ऐसी स्थिति में पहुंच चुका है, जहां ईरान की कोई सक्रिय संवर्धन (एनरिचमेंट) सुविधा शेष नहीं है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के बयानों से क्षेत्र में तनाव और बढ़ सकता है, खासकर ऐसे समय में जब कूटनीतिक स्तर पर शांति बहाल करने के प्रयास जारी हैं। तुर्की, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ती बयानबाजी से मध्य पूर्व में अस्थिरता की आशंका बनी हुई है। फिलहाल, युद्धविराम के बावजूद क्षेत्रीय समीकरण तेजी से बदल रहे हैं और वैश्विक शक्तियों की नजर इस पूरे घटनाक्रम पर टिकी हुई है। हिदायत/ईएमएस 12अप्रैल्26