तेहरान,(ईएमएस)। अमेरिका और ईरान के नेता शांति वार्ता पर बात करने के लिए पाकिस्तान पहुंचे हैं। दोनों देशों में शांति पर सहमति बन पाएगी या नहीं ये आगे पता चलेता। लेकिन ईरान में पिछले 40 दिनों की लड़ाई में भारी तबाही मची है। देश की लड़ने की क्षमता को भारी नुकसान पहुंचा है। अमेरिका ने ईरान में 13 हजार से ज्यादा टारगेट्स पर हमले किए हैं। एक स्वतंत्र डेटा से पता चलता है युद्ध शुरू होने के बाद से ईरान पर अमेरिका और इजरायल ने बिना थके लगातार हमले किए। इस दौरान ईरान के सैन्य ठिकाने, मिलिट्री फैक्ट्रियां पर बिना रूकावट हमले किए। इन हमलों में ईरान की क्षमता को भारी नुकसान पहुंचा है। हालांकि दावा किया जा रहा हैं कि इसके बाद भी ईरान की क्षमता पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। अमेरिका के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ जनरल डैन ने कहा कि ईरान के कई सिस्टम अब खत्म हो चुके हैं। लेकिन ईरान अभी भी हमला करने की ताकत रखता है। वहीं अमेरिका के रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने स्वीकार किया कि ईरान में अभी भी हमला करने की क्षमता मौजूद है। ईरान के मिसाइल और ड्रोन पर जानकारी ईरान के 450 बैलिस्टिक मिसाइल स्टोरेज पर हमला, 800 वन-वे अटैक ड्रोन स्टोरेज ठिकानों पर हमला, ईरान के 90 प्रतिशत से ज्यादा नियमित नौसेना बेड़े को डुबो दिया गया। ईरान के 150 से ज्यादा जहाजों को अमेरिका ने डुबो डाला। 95 प्रतिशत से ज्यादा ईरानी नौसेना के बेड़ा खत्म हो चुका है। बावजूद इसके 5 प्रतिशत नौसेना का बेड़ा अभी भी अमेरिका को नुकसान पहुंचा सकता है। ईरान के 90 प्रतिशत हथियारों के कारखानों पर हमला और ईरान के 80 प्रतिशत परमाणु औद्योगिक ठिकानों पर हमला किया गया। अमेरिका के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ जनरल केन ने कहा कि अमेरिका ने 1500 से ज्यादा एयर डिफेंस ठिकानों, 450 से ज्यादा बैलिस्टिक मिसाइल स्टोरेज सुविधाओं और 800 वन-वे अटैक ड्रोन स्टोरेज सुविधाओं पर हमला किया है। उन्होंने कहा ये सब सिस्टम खत्म हो चुके हैं। वहीं, वाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने कहा कि ईरानी नौसेना पूरी तरह से तबाह हो गई है। केन ने कहा कि जहां 150 ईरानी जहाज समुद्र की तलहटी में हैं वहीं अर्धसैनिक रिवोल्यूशनरी गार्ड की छोटी हमलावर नावों में से सिर्फ आधी ही डूब पाई हैं। ये वे जहाज थे जिनका इस्तेमाल ईरान सरकार होर्मुज जलडमरूमध्य में युद्धपोतों और व्यापारिक जहाजों को घेरने और परेशान करने के लिए करती थी। केन ने कहा कि 700 से ज्यादा हमलों के बाद अमेरिकी सेना का मानना है कि उसने ईरान की 95 प्रतिशत से अधिक नौसैनिक सुरंगों को नष्ट किया है। हालांकि ईरानी सेना के पास बैलिस्टिक मिसाइल हमला करने की क्षमता अभी भी मौजूद है। इसके अलावा, ईरान ने अमेरिका के कई विमानों को मार गिराया, जिसमें एक एफ-15 लड़ाकू विमान भी शामिल था। इसके साथ ही ईरान ने क्षेत्र में मौजूद हवाई ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमलों के ज़रिए उसने कई अन्य विमानों को भी नुकसान पहुंचाया। इजरायल की सेना का कहना है कि युद्ध के दौरान उसने ईरान पर 1,000 से ज्यादा हमलों की लहरों में 18,000 से ज्यादा बम गिराए। आशीष/ईएमएस 12 अप्रैल 2026