तेल अवीव(ईएमएस)। अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में आयोजित शांति वार्ता बिना किसी ठोस नतीजे के समाप्त हो गई है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इस विफलता की पुष्टि करते हुए कहा कि 21 घंटे तक चले गहन मंथन के बावजूद कोई सार्थक परिणाम नहीं निकल सका, जिसके बाद वह अमेरिका वापस लौट रहे हैं। वार्ता के विफल होने से क्षेत्र में शांति की उम्मीदों को करारा झटका लगा है। इस बीच, इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान के खिलाफ जारी सैन्य अभियान में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल करने का दावा किया है। शनिवार को जारी एक वीडियो संदेश में नेतन्याहू ने स्पष्ट किया कि अभियान अभी खत्म नहीं हुआ है। उन्होंने सोशल मीडिया पर ईरान और उसके सहयोगियों का नक्शा साझा करते हुए कड़ा रुख अपनाया और कहा कि जो लोग इजराइल का गला घोंटना चाहते थे, हमने उन्हें ही करारा जवाब दिया है। नेतन्याहू के अनुसार, इजराइल ने ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं को काफी हद तक नाकाम कर दिया है। ईरान के परमाणु खतरे पर चर्चा करते हुए उन्होंने दावा किया कि तेहरान परमाणु हथियार बनाने के बेहद करीब था और रोजाना सैकड़ों मिसाइलें बनाने की क्षमता विकसित कर रहा था। नेतन्याहू ने कहा कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को जमीन के भीतर इतना गहरा छिपाना चाहता था कि वहां शक्तिशाली बमवर्षक विमान भी न पहुंच सकें। उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान के पास अब भी 400 किलोग्राम से अधिक संवर्धित यूरेनियम मौजूद है, जिसे या तो कूटनीति के माध्यम से या बल प्रयोग द्वारा हटाया जाएगा।वहीं, लेबनान मोर्चे पर स्थिति और भयावह होती जा रही है। इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच जारी संघर्ष में लेबनान में मरने वालों की संख्या बढ़कर 2,020 हो गई है। लेबनानी स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, पिछले छह हफ्तों से जारी इस युद्ध में अब तक 248 महिलाएं, 165 बच्चे और 85 स्वास्थ्यकर्मी अपनी जान गंवा चुके हैं। पिछले 24 घंटों में ही लगभग 100 लोगों की मौत हुई है, जबकि घायलों की कुल संख्या 6,436 तक पहुंच गई है। नेतन्याहू ने लेबनान में युद्धविराम की संभावनाओं पर कहा कि जब तक हिजबुल्लाह का पूर्ण निरस्त्रीकरण नहीं हो जाता, तब तक स्थायी शांति पर फैसला नहीं लिया जा सकता। वीरेंद्र/ईएमएस/12अप्रैल2026