नासिक,(ईएमएस)। शहर के प्रतिष्ठित बीपीओ सेक्टर में यौन उत्पीड़न और जबरन धर्म परिवर्तन के चौंकाने वाले खुलासे ने हड़कंप मचा दिया है। इस पूरे प्रकरण में मुख्य आरोपी के तौर पर एचआर मैनेजर निदा खान का नाम उभरा है, जिसे कर्मचारी दबंग मैम के खौफनाक उपनाम से पुकारते थे। जांच में सामने आया है कि निदा खान का प्रभाव न केवल प्रशासनिक कार्यों तक सीमित था, बल्कि वह ऑफिस के भीतर एक संगठित गिरोह का नेतृत्व कर रही थी। दर्ज की गई नौ एफआईआर के अनुसार, निदा खान उन टीम लीडर्स को संरक्षण देती थी जो महिला कर्मचारियों का शोषण करते थे। वह एचआर पद का दुरुपयोग कर युवतियों पर इस्लामी जीवनशैली अपनाने का दबाव डालती थी। पीड़ितों ने बयान दिया है कि निदा उन्हें बुर्का पहनने के तरीके सिखाती थी, जिसे सलाह के बजाय एक आदेश की तरह लागू किया जाता था। विरोध करने पर कर्मचारियों को करियर बर्बाद करने की धमकियां दी जाती थीं। पुलिस आयुक्त संदीप कर्णिक के नेतृत्व में गठित एसआईटी ने अब तक आठ आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है। हालांकि, मुख्य सूत्रधार निदा खान अभी भी फरार है। जांच में एक व्हाट्सएप ग्रुप का भी पता चला है, जिसके तार मलेशिया से जुड़े होने की आशंका है। आरोप है कि ग्रुप में इमरान नामक व्यक्ति के जरिए कर्मचारियों का ब्रेनवॉश किया जाता था। पीड़ितों को जबरन नमाज पढ़ाने और मांसाहारी भोजन खिलाने जैसे कृत्य भी सामने आए हैं। पुलिस ने मामले की तह तक जाने के लिए महिला कांस्टेबलों को हाउसकीपिंग स्टाफ बनाकर परिसर में तैनात किया था। फिलहाल, एटीएस और एनआईए जैसी एजेंसियां भी इस विदेशी फंडिंग और सुनियोजित धर्मांतरण के एंगल की जांच कर रही हैं। कंपनी प्रबंधन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आंतरिक जांच शुरू कर दी है, लेकिन निदा खान की गिरफ्तारी ही इस गहरे राज से पूरी तरह पर्दा उठा पाएगी। वीरेंद्र/ईएमएस/16अप्रैल2026