राष्ट्रीय
18-Apr-2026
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केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस पर बोला हमला नई दिल्ली (ईएमएस)। महिला आरक्षण विधेयक के लोकसभा में पारित न होने के बाद, मोदी सरकार को 2014 के बाद पहली बार संसद में विधायी विफलता का सामना करना पड़ा। इसके एक दिन बाद, शनिवार को केंद्र सरकार ने विपक्ष, विशेषकर कांग्रेस पर पलटवार कर कहा कि शुक्रवार को जो हुआ, इससे कांग्रेस की महिला-विरोधी मानसिकता साफ दिखाती है। मोदी सरकार की ओर से केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने जोरदार हमलाकर कहा कि विपक्ष को इसके लिए लोकतांत्रिक रूप से दंडित किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने कहा कि बजट सत्र आधिकारिक तौर पर समाप्त हो गया है। यह एक अत्यंत फलदायी बजट सत्र रहा। केंद्रीय बजट सफलतापूर्वक पारित हो गया। दूसरे सत्र में, प्रधानमंत्री मोदी ने दोनों सदनों में पश्चिम एशिया के संकट पर बयान दिया। बजट सत्र को तीन दिनों के लिए 16, 17 और 18 अप्रैल तक बढ़ाया गया था। इन तीन दिवसीय विशेष सत्रों के दौरान, नारी शक्ति वंदन अधिनियम और परिसीमन संशोधन विधेयक पेश किए। हमारे पास बहुमत है, लेकिन संविधान संशोधन के लिए आवश्यक दो-तिहाई बहुमत नहीं मिल सका, इसलिए यह विधेयक पारित नहीं हो सका। मोदी सरकार के अन्य सभी विधेयक पारित हो गए। केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने कहा कि लोकसभा में विधेयक के विफल होने से केंद्र सरकार निश्चित रूप से निराश है, लेकिन उन्होंने कहा कि यह न केंद्र सरकार की विफलता है और न ही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की। उन्होंने कहा कि यह सबके लिए काला दिन है और कांग्रेस जिस तरह से जश्न मना रही है वह शर्मनाक और निंदनीय है। हालांकि, रिजिजू ने कहा कि संसद सत्र बेहद सफल रहा और उन्होंने महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए सरकार के प्रयासों की सराहना कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया। अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री रिजिजू ने कहा कि अगर राहुल गांधी कहते हैं कि महिलाओं को आरक्षण देना असंवैधानिक और अलोकतांत्रिक है, तब किसी को राहुल गांधी को समझाना चाहिए कि महिलाओं को अधिकार देना अलोकतांत्रिक कैसे हो सकता है। उनकी सोच कैसी है, इस पर मैं कुछ नहीं कह सकता। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा की प्रेसवार्ता के तुरंत बाद केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने परिसीमन को लेकर विपक्ष के आरोपों का खंडन कर कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि किसी भी राज्य का लोकसभा में प्रतिनिधित्व कम नहीं होगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए संशोधन की आवश्यकता थी, क्योंकि देश में जनसंख्या भी बढ़ गई है। आशीष दुबे / 18 अप्रैल 2026