मंडी नीति और सहकारिता चुनाव पर कांग्रेस का हल्ला बोल, सिलवानी तहसील मुख्यालय में एकदिवसीय प्रदर्शन रायसेन/सिलवानी। प्रदेश की कृषि उपज मंडी नीति और सहकारिता संस्थाओं के चुनाव को लेकर कांग्रेस ने शनिवार को सिलवानी तहसील मुख्यालय पर एकदिवसीय विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं, कार्यकर्ताओं और किसान प्रतिनिधियों ने राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए। प्रदर्शनकारियों का आरोप रहा कि मंडी समितियों और सहकारिता संस्थाओं के चुनाव नहीं कराए जाने से पूरी व्यवस्था कुछ लोगों के नियंत्रण में सिमट गई है। जिसका सीधा नुकसान किसानों को उठाना पड़ रहा है। प्रदर्शन के दौरान विधायक देवेंद्र पटेल, धर्मवीर सिंह और राजा नीलमणि शाह सहित अन्य नेताओं ने कहा कि पहले सहकारिता संस्थाएं किसानों के हित में संचालित होती थीं और उनमें शेयर होल्डर किसानों की सक्रिय भागीदारी रहती थी। लेकिन अब यह व्यवस्था “दुकान” बनकर रह गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सहकारिता का मूल उद्देश्य किसानों को समय पर खाद, बीज और अन्य संसाधन उपलब्ध कराना था। पर वर्तमान में किसान इन्हीं सुविधाओं के लिए घंटों कतारों में खड़े रहने को मजबूर हैं।नेताओं ने कहा कि किसानों को समय पर खाद, बिजली, डीजल और बीज नहीं मिल पा रहा है, जिससे उनकी खेती प्रभावित हो रही है। जब किसान अपनी समस्या लेकर अधिकारियों के पास पहुंचते हैं तो उन्हें तकनीकी खामियों का हवाला देकर टाल दिया जाता है। “सैटेलाइट समस्या” और “पोर्टल नहीं चल रहा” जैसे कारण बताकर किसानों को परेशान किया जा रहा है। जिससे उनकी फसल उत्पादन क्षमता पर भी असर पड़ रहा है। कांग्रेस नेताओं ने केंद्र और राज्य सरकार पर किसान विरोधी नीतियां अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार की प्राथमिकता किसानों की आय बढ़ाना नहीं।बल्कि व्यवस्थाओं को जटिल बनाना है। उन्होंने कहा कि सरकार बड़े-बड़े वादे करती है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग नजर आती है। गेहूं खरीदी को लेकर भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि यदि एमपी सरकार वास्तव में किसानों की उपज खरीदना चाहती, तो खरीदी केंद्रों पर बेहतर व्यवस्थाएं होतीं। मंडियों में अव्यवस्था और भुगतान में देरी से किसान परेशान हैं। वरिष्ठ किसान नेता रतन सिंह ने कहा कि छोटे किसानों के नाम पर भ्रम फैलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कई किसानों की स्लिप तो बन रही है।लेकिन बिल नहीं बन पा रहा, जिससे उन्हें भुगतान के लिए भटकना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि तकनीकी बाधाएं जानबूझकर खड़ी की जा रही हैं, ताकि खरीदी प्रक्रिया धीमी रहे और किसान आर्थिक रूप से कमजोर होते जाएं। प्रदर्शन के अंत में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर मांग की कि मंडी और सहकारिता चुनाव जल्द कराए जाएं। ताकि पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके। साथ ही खाद-बीज की समय पर उपलब्धता, तकनीकी समस्याओं के समाधान और खरीदी प्रक्रिया को सरल बनाने की मांग भी प्रमुख रूप से उठाई गई। कार्यक्रम के अंत में कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ही समस्याओं का समाधान नहीं किया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसान हितों से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। इस प्रदर्शन ने एक बार फिर क्षेत्र में किसानों की समस्याओं और सहकारिता व्यवस्था की खामियों को उजागर कर दिया है। बहरहाल अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन और सरकार इस पर क्या कदम उठाते हैं। इस दौरान सिलवानी विधायक एवं कांग्रेस जिलाध्यक्ष देवेंद्र पटेल, कुंवर धर्मवीर सिंह, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष अजय सिंह रघुवंशी, जैथारी ब्लॉक अध्यक्ष धर्मदास इमने, किसान कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष राजीव रघुवंशी, नगर कांग्रेस अध्यक्ष दिनेश कुशवाहा, राजा नीलमणि शाह सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे। किशोर वर्मा ईएमएस रायसेन 18/04/2026