राज्य
22-Apr-2026
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:: निगम आयुक्त का निरीक्षण: गुणवत्ता और समय-सीमा पर जताई सख्ती; अधिकारियों को नियमित सैंपलिंग और क्लोरीनेशन की हिदायत :: इंदौर (ईएमएस)। शहर के सघन रहवासी क्षेत्र भागीरथपुरा में पेयजल संकट के स्थायी समाधान की दिशा में नगर निगम को बड़ी सफलता मिली है। निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल ने बुधवार को क्षेत्र का सघन दौरा कर चल रहे विकास कार्यों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान यह सुखद तथ्य सामने आया कि भागीरथपुरा के 95 प्रतिशत से अधिक क्षेत्र में पाइपलाइन के माध्यम से जल वितरण व्यवस्था को सफलतापूर्वक पुनर्स्थापित कर दिया गया है। इससे अब यहाँ के अधिकांश रहवासियों को नियमित नर्मदा जल की आपूर्ति सुलभ हो गई है। आयुक्त ने इस उपलब्धि पर संतोष व्यक्त करते हुए शेष बचे क्षेत्रों में भी कार्य की गति बढ़ाने के निर्देश दिए, ताकि पूरे क्षेत्र को जल्द से जल्द टैंकर मुक्त बनाया जा सके। निरीक्षण के दौरान आयुक्त के साथ अपर आयुक्त नरेंद्र नाथ पांडे और जोनल अधिकारी आनंद रैदास सहित तकनीकी विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। भ्रमण के दौरान आयुक्त ने क्षेत्र में प्रगतिरत नर्मदा जल प्रदाय लाइन, सीवरेज नेटवर्क और सड़क निर्माण कार्यों का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समय-सीमा को लेकर अधिकारियों को स्पष्ट हिदायत दी कि विकास के सभी कार्य तय मापदंडों के अनुसार ही पूर्ण होने चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि पाइपलाइन बिछाने के लिए की गई सड़क खुदाई के बाद रेस्टोरेशन (मरम्मत) कार्य में कतई देरी न की जाए, ताकि नागरिकों को धूल और आवागमन की असुविधा से निजात मिल सके। आयुक्त ने क्षेत्र के रहवासियों से आत्मीय संवाद कर जल प्रदाय की जमीनी हकीकत भी जानी। नागरिकों ने जल आपूर्ति की नियमितता और दबाव पर संतोष जाहिर करते हुए बताया कि अब उन्हें घर बैठे समय पर पानी प्राप्त हो रहा है। आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पेयजल की शुद्धता से कोई समझौता न हो, इसके लिए नियमित रूप से जल की सैंपलिंग की जाए और क्लोरीनेशन की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए। जिन सीमित क्षेत्रों में फिलहाल पाइपलाइन बिछाने का कार्य अंतिम चरण में है, वहाँ अस्थायी तौर पर टैंकरों से निर्बाध जलापूर्ति जारी रखने के आदेश दिए गए हैं। प्रकाश/22 अप्रैल 2026