राज्य
22-Apr-2026


:: खाद्य मंत्री का अल्टीमेटम : सुरक्षित और सस्ती है पाइप गैस, वैश्विक संकट के बीच नेटवर्क विस्तार में तेजी :: इंदौर/भोपाल (ईएमएस)। मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) के देशों में गहराते युद्ध और अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार की अस्थिरता के बीच भारत सरकार ने ऊर्जा सुरक्षा को लेकर एक बड़ा और कड़ा फैसला लिया है। प्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने इंदौर सहित प्रदेश के उन तमाम शहरों के लिए चेतावनी जारी की है, जहां पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) का नेटवर्क पहुँच चुका है। मंत्री ने स्पष्ट किया है कि जिन क्षेत्रों में गैस पाइपलाइन बिछ चुकी है, वहां के रहवासियों को जून 2026 के बाद एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति बंद कर दी जाएगी। मंत्री राजपूत ने बताया कि वर्तमान भू-राजनीतिक उथल-पुथल से आपूर्ति को अप्रभावित रखने के लिए पीएनजी नेटवर्क का विस्तार युद्ध स्तर पर किया जा रहा है। घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ताओं को एलपीजी से पीएनजी पर शिफ्ट करने के लिए जिला प्रशासन, खाद्य विभाग और ऑयल कंपनियों को संयुक्त रूप से कैंप लगाने के निर्देश दिए गए हैं। इंदौर में अवंतिका गैस लिमिटेड को उन उपभोक्ताओं की सूची तैयार करने को कहा गया है, जिनके घर के सामने से लाइन गुजर रही है लेकिन उन्होंने अब तक कनेक्शन नहीं लिया है। :: सस्ती, सुरक्षित और बुकिंग के झंझट से मुक्त :: सरकार ने पीएनजी को भविष्य का ईंधन बताते हुए इसके कई लाभ गिनाए हैं: किफायती: एलपीजी की तुलना में पीएनजी की दरें कम हैं और उपभोक्ता को केवल वास्तविक उपयोग का ही भुगतान करना होता है। अबाध आपूर्ति: बार-बार सिलेंडर बुकिंग और डिलीवरी के इंतज़ार से मुक्ति मिलेगी। यह 24 घंटे उपलब्ध रहती है। उच्च सुरक्षा: पीएनजी हवा से हल्की होती है। रिसाव की स्थिति में यह हवा में फैल जाती है, जिससे आग लगने का खतरा न्यूनतम रहता है। सुविधाजनक: मौजूदा गैस चूल्हों को बहुत कम खर्च पर पीएनजी के अनुकूल बदला जा सकता है। :: कनेक्शन के लिए यहाँ करें संपर्क :: उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए विभिन्न शहरों की गैस वितरण संस्थाओं ने कंट्रोल रूम नंबर जारी किए हैं: इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर (अवंतिका गैस) : 9424098887 भोपाल, राजगढ़, शिवपुरी (थिंक गैस) : 1800-5727-107 देवास, रायसेन, शाजापुर, सीहोर (गैल गैस) : 7880001788 धार (नवेरिया गैस) : 07292-223311 रतलाम (गुजरात गैस) : 7412230292 :: नज़रिया : सुविधा और सुरक्षा का संतुलन जरूरी :: ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते भारत के लिए पीएनजी निस्संदेह एक अनिवार्य और प्रगतिशील कदम है। इंदौर जैसे महानगरों में, जहाँ बुनियादी ढांचा तैयार है, वहाँ सुरक्षा और बचत के लिहाज से उपभोक्ताओं को समय-सीमा से पूर्व इसे अपना लेना चाहिए। यह न केवल रसोई के बजट को राहत देगा, बल्कि वैश्विक अस्थिरता के दौर में ईंधन की निर्बाध आपूर्ति भी सुनिश्चित करेगा। हालाँकि, किसी भी नई व्यवस्था की सफलता उसकी अनिवार्यता से ज्यादा जन-विश्वास पर टिकी होती है। एलपीजी सिलेंडर बंद करने जैसे कड़े प्रतिबंधों का डर दिखाने के बजाय सरकार को इसकी विश्वसनीयता को धरातल पर साबित करना चाहिए। प्रशासन को चाहिए कि वह दबाव के स्थान पर संवाद और प्रोत्साहन का रास्ता चुने, ताकि जनता भयवश नहीं, बल्कि सुविधावश इस बदलाव का हिस्सा बने। प्रकाश/22 अप्रैल 2026