राज्य
22-Apr-2026


देहरादून (ईएमएस)। आरटीआई एक्टिविस्ट विजय वर्धन डंडरियाल ने कहा है कि मुख्य सचिव स्तर से नीचे परिवहन विभाग में आरटीओ के पद कार्यरत अधिकारी कैसे लोकायुक्त के मामले में संज्ञान ले सकते हैं यह विचारणीय प्रश्न है। उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग अजब गजब तमाशा चल रहा है और पीएमओ व वित्त मंत्रालय के आदेशों को फुटबाॅल बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि तो कहीं न कहीं प्रधानमंत्री के जांच और वित्त मंत्री के लोकायुक्त के आदेश को किस तरीके से फुटबॉल की तरह इधर से उधर घुमाया जा रहा है। डंडरियाल ने कहा है कि यह बड़ा सोचनीय विषय है और वह जल्द ही उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से अनुरोध किया है कि उनकी शिकायत का निराकरण शीघ्र कराया जाए अन्यथा इस मामले को लेकर उच्च न्यायालय की शरण में जाने को बाध्य होना पड़ेगा। डंडरियाल ने कहा है कि वित्त मंत्री भारत सरकार को परिवहन विभाग के अधिकारियों द्वारा कराई गई कर चोरी के संबंध में शिकायत की गई थी जिसका संज्ञान लेते हुए वित्त मंत्रालय भारत सरकार ने लोकायुक्त से अपनी शिकायत के मामले में निस्तारण करने को कहा गया जब कर चोरी के मामले में कोई समाधान न निकलने पर उन्होंने प्रधानमंत्री को भी शिकायत की गई थी। उन्होंने बताया कि जिस पर पीएम के कार्यालय से मुख्य सचिव को भी पत्र प्रेषित किया गया था कि इस मामले में जांच कर उचित कार्रवाई करें लेकिन मुख्यमंत्री उत्तराखंड सरकार के यहां भी शिकायत की गई थी जिनमें उनके द्वारा भी सीएम पोर्टल के माध्यम से अधिकारियों को उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए थे। शैलेन्द्र नेगी/ईएमएस/22 अप्रैल 2026