:: कैबिनेट ब्रीफिंग : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गिनाईं सरकार की उपलब्धियां, 27 अप्रैल को विधानसभा का विशेष नारी शक्ति वंदन सत्र :: इंदौर/भोपाल (ईएमएस)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जल संरक्षण को महज एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि एक व्यापक सामाजिक आंदोलन बनाने का आह्वान किया है। मंत्रि-परिषद् की बैठक से पूर्व मंत्रीगण से अनौपचारिक चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान के माध्यम से समाज के हर वर्ग को इस पुनीत कार्य से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने गौरव के साथ यह जानकारी साझा की कि जल संचयन के गंभीर प्रयासों के चलते मध्यप्रदेश आज नेशनल रैंकिंग में देश में तीसरे स्थान पर पहुँच गया है। प्रदेश में जल संरक्षण के लिए 6 हजार 278 करोड़ रुपये का भारी-भरकम वित्तीय लक्ष्य तय किया गया है, जिसके अंतर्गत 2.44 लाख से अधिक जल संरचनाओं का विकास और जीर्णोद्धार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने सभी प्रभार वाले मंत्रियों को अपने क्षेत्रों में इस अभियान की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश की ऐतिहासिक उपलब्धि पर प्रकाश डालते हुए डॉ. यादव ने बताया कि इस वर्ष 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम पिछले 16 वर्षों में सबसे शानदार रहे हैं। इन परिणामों में बेटियों ने बेटों से 10 प्रतिशत अधिक सफलता प्राप्त कर शैक्षणिक गुणवत्ता का परचम लहराया है। उन्होंने बताया कि परीक्षा में किसी कारणवश असफल रहे विद्यार्थियों को रुक जाना नहीं योजना के तहत 7 से 25 मई तक द्वितीय अवसर प्रदान किया जा रहा है, जो विद्यार्थियों के भविष्य को बचाने की दिशा में एक बड़ी राहत है। वहीं, पर्यावरण और आस्था के संरक्षण के लिए सरकार ने नर्मदा उद्गम स्थल अमरकंटक को नो मूवमेंट एवं नो कंस्ट्रक्शन जोन बनाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है, ताकि अमरकंटक की शुचिता और प्राकृतिक संतुलन अक्षय बना रहे। धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों के कायाकल्प की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान परशुराम की जन्मस्थली जानापाव को दिव्य स्वरूप दिया जाएगा। यहाँ 17.41 करोड़ रुपये की लागत से भव्य श्री परशुराम-श्रीकृष्ण लोक और अत्याधुनिक संग्रहालय विकसित किया जाएगा। इसी कड़ी में पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए भोपाल-ओरछा और चंदेरी के बीच पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा का शुभारंभ किया गया है। प्रशासनिक शुचिता का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि संकल्प से समाधान अभियान के तहत प्राप्त 45 लाख से अधिक आवेदनों में से 99.90 प्रतिशत का सफलतापूर्वक निराकरण कर जन-सेवा का नया कीर्तिमान स्थापित किया गया है। मुख्यमंत्री ने डिजिटल जनगणना की प्रक्रिया पर चर्चा करते हुए नागरिकों से ऑनलाइन स्व-गणना में सहयोग की अपील की। इसके साथ ही उन्होंने जनजातीय वर्ग के समग्र विकास के लिए किए जा रहे वित्तीय प्रबंधन की जानकारी भी दी। मुख्यमंत्री ने एक विशेष घोषणा करते हुए बताया कि आगामी 27 अप्रैल को विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र बुलाया गया है। नारी शक्ति वंदन को समर्पित इस ऐतिहासिक सत्र में महिलाओं के सर्वांगीण विकास और सशक्तिकरण पर केंद्रित चर्चा का नेतृत्व प्रदेश की महिला मंत्रीगण करेंगी। प्रकाश/22 अप्रैल 2026