राज्य
22-Apr-2026
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- बुजुर्ग जो ठगी का शिकार हुए। शाजापुर (ईएमएस)। डिजिटल युग में साइबर ठगों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे किसी भी पल आपको अपना शिकार बना सकते हैं। शाजापुर जिले के अवंतीपुर बड़ोदिया थाना क्षेत्र में एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जहां पत्नी का इलाज कराने अस्पताल गए एक 71 वर्षीय बुजुर्ग की व्यस्तता का फायदा उठाकर ठगों ने उन्हें चपत लगा दी। मोबाइल पर आई महज एक अनजान लिंक खोलने की कीमत बुजुर्ग को 3 लाख 25 हजार रुपये गवां कर चुकानी पड़ी। फरियादी की लिखित शिकायत पर अवंतीपुर बड़ोदिया पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, डाबरी पुरा पोलायकलां के रहने वाले 71 वर्षीय गिरिजाशंकर त्रिवेदी का पोलायकलां स्थित एसबीआई में पत्नी निर्मला त्रिवेदी के साथ जॉइंट अकाउंट है। दिनांक 25 मार्च 2026 को वे अपनी पत्नी की आंखों का इलाज कराने इंदौर के अग्रवाल आई अस्पताल गए हुए थे। अस्पताल और ऑटो की भागदौड़ में वे अत्यधिक व्यस्त थे, तभी उनके मोबाइल पर दो अनजान नंबरों से कॉल आया। फोन करने वाले ने कहा कि मैंने एक लिंक भेजी है, उसे खोलकर देखो। बुजुर्ग ने बिना सोचे-समझे लिंक खोल ली, और यही उनकी सबसे बड़ी भूल साबित हुई। अगले दिन घर लौटने पर उड़े होश दिनांक 26 मार्च को जब बुजुर्ग वापस पोलायकलां अपने घर लौटे और फुर्सत में मोबाइल चेक किया, तो उनके होश उड़ गए। उनके मोबाइल पर कई मैसेज पड़े थे, जिनमें खाते से 3,25,000 रुपये कटने की जानकारी थी। बैंक जाकर पूछताछ करने पर पता चला कि यह पूरी रकम 25 मार्च की शाम 5.03 बजे आरटीजीएस के जरिए खाते में ट्रांसफर कर दी गई है। मुंबई के एचडीएफसी बैंक में गया पैसा, 1930 पर कॉल से बची कुछ रकम फरियादी ने जब गूगल के माध्यम से आरोपी के खाते की जानकारी निकाली, तो पता चला कि वह खाता मुंबई के फोर्ट स्थित एचडीएफसी बैंक की शाखा का है। ठगी का अहसास होते ही बुजुर्ग ने तुरंत नेशनल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराई। समय पर शिकायत होने के कारण ठगी गई राशि का कुछ हिस्सा बैंक द्वारा होल्ड कर दिया गया। चेन्नई से लौटकर पुलिस को दी लिखित शिकायत फरियादी को अपने किसी काम से चेन्नई (तमिलनाडु) जाना पड़ गया था। इस कारण उन्होंने 4 अप्रैल को जीरो एफआईआर (क्रं. 114) दर्ज कराई थी। अब काम से वापस लौटने के बाद, 21 अप्रैल को वे अवंतीपुर बड़ोदिया थाने पहुंचे और थाना प्रभारी को घटना की पूरी जानकारी देते हुए लिखित आवेदन सौंपा। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अपराध पंजीबद्ध कर लिया है और सायबर सेल की मदद से आरोपियों की तलाश की जा रही है। ईएमएस/मोहने/ 22 अप्रैल 2026