राज्य
22-Apr-2026


हाईकोर्ट ने सरकार को 30 दिन में खोलने के दिए आदेश, सीएम के निर्देश पर हुए थे बंद जबलपुर(ईएमएस)। मध्यप्रदेश में बंद आरटीओ के चेक पोस्ट फिर से चालू होंगे। हाईकोर्ट जस्टिस विशाल मिश्रा की कोर्ट ने जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह बड़ा फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश दिए हैं कि 30 दिनों के भीतर सभी चेक पोस्ट शुरू करें। दलील दी गई है कि भारी वाहनों की जांच और हादसों को रोकने के लिए सडक़ों पर चेक पोस्ट जरूरी हैं। मध्यप्रदेश में 30 जून 2024 से आरटीओ चेक पोस्ट बंद कर दिए थे। इसी मामले में रजनीश त्रिपाठी ने याचिका दायर की थी। दरअसल, सीएम मोहन यादव के निर्देश पर 1 जुलाई 2024 को प्रदेश भर के चेक पोस्ट परिवहन विभाग ने बंद कर दिए थे। याचिकाकर्ता राजनीश त्रिपाठी त्रिपाठी ने मप्र परिवहन विभाग के अपर मुख्य सचिव आईएएस मनीष सिंह एवं अन्य के विरुद्ध 2025 में लगाई थी। याचिकाकर्ता की ओर से पैरवी अधिवक्ता जुबिन प्रसाद, भानु प्रकाश ने और शासन की ओर से अंजली मिश्रा ने की। याचिका का हाईकोर्ट ने निराकण करते हुए सरकार को आदेश दिया कि विभागीय अधिकारी वाहनों में ओवरलोडिंग की जांच हेतु अन्य तरीकों को अपनाने के लिए स्वतंत्र हैं, परंतु इस न्यायालय के समक्ष दी गई वचनबद्धताओं का पालन किया जाना अनिवार्य है। आदेश नहीं माना तो अवमानना माना जाएगा अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि 30 दिन का समय चेक पोस्ट पुन: स्थापित करने के लिए दिया है। यदि इस आदेश की प्रमाणित प्रति प्राप्त होने की तारीख से 30 दिनों के भीतर आदेश का पालन नहीं किया जाता तो याचिकाकर्ता अवमानना याचिका लगाकर इस याचिका को पुनर्जीवित कर सकता है। जस्टिस विशाल मिश्रा ने आदेश में स्पष्ट किया है कि यदि न्यायालय में दिए गए वचन का पालन नहीं किया जाता है, तो न्यायालय द्वारा पारित आदेश की अवहेलना मानी जाएगी। अधिकारियों द्वारा पूर्व में चेक पोस्ट बंद करने के संबंध में जारी आदेश को न्यायालय ने 4 सितंबर 2018 के आदेश से स्थगित कर दिया था। वाहनों की जांच की जाए विभागीय अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत जवाबों को कोर्ट ने संतोषजनक नहीं माना। न्यायालय ने कहा कि यह कृत्य इस न्यायालय द्वारा पारित आदेश और प्रतिवादियों द्वारा दी गई वचनबद्धता की अवहेलना के समान है। हालांकि न्यायालय ने प्रतिवादी अधिकारियों के विरुद्ध दंडात्मक निर्देश जारी नहीं किया। कोर्ट ने कहा कि मप्र की सीमा से सटे दूसरे राज्यों से आने-जाने वाले वाहनों की जांच की जाए। क्षमता से अधिक भार और ऊंचाई (ओवर वेट-ओवर लोड) सहित अन्य कमियों वाहे प्रत्येक वाहन को रोककर जांच की जाएगी। कमियां मिलने पर नियमानुसार चालानी कार्रवाई की जाए। विनोद उपाध्याय / 22 अप्रैल, 2026