सरही रेंज के बड़े अमाही नाला क्षेत्र की घटना बालाघाट (ईएमएस). मंडला जिले के कान्हा टाइगर रिजर्व में एक नर बाघ शावक की मौत का मामला सामने आया है। प्रारंभिक जांच और पोस्टमार्टम के आधार पर मौत स्वाभाविक कारणों से होने के संकेत मिले हैं, हालांकि वन विभाग ने अंतिम रिपोर्ट आने तक जांच जारी रखने की बात कही है। कान्हा टाइगर रिजर्व अंतर्गत वन परिक्षेत्र सरही के बड़े अमाही नाला क्षेत्र में 21 अप्रैल को एक नर बाघ शावक मृत अवस्था में पाया गया। यह घटना बीट सरहीनकान, कक्ष क्रमांक 668 (69) में दर्ज की गई, जिसके बाद वन विभाग ने तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी। क्षेत्र संचालक ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण नई दिल्ली और मुख्य वन्यजीव अभिरक्षक भोपाल द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप स्थल को सुरक्षित किया गया। डॉग स्क्वाड की मदद से पूरे इलाके में सघन सर्च ऑपरेशन चलाया गया। शावकों के साथ मादा बाघ सुरक्षित जांच के दौरान आसपास मादा बाघ अपने अन्य शावकों के साथ सुरक्षित देखी गई, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि घटना किसी बाहरी हमले से जुड़ी नहीं है। इसके बाद मृत शावक के पोस्टमार्टम के लिए विशेषज्ञों की टीम मौके पर पहुंची। इस टीम में डॉ. सोमेश सिंह, डॉ. सुनील गोयल और डॉ. विशाल उद्दे शामिल रहे। टीम ने घटनास्थल पर ही शव परीक्षण किया, जिसमें शावक के सभी अंग सुरक्षित पाए गए। विस्तृत पीएम रिपोर्ट का इंतजार प्राथमिक जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार शावक की मृत्यु स्वाभाविक कारणों से होना प्रतीत हो रही है, हालांकि अंतिम निष्कर्ष विस्तृत रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगा। निर्धारित एसओपी का पालन करते हुए शावक के शव का मौके पर ही दाह संस्कार कर दिया गया। पूरी कार्रवाई के दौरान एमआर बघेल सहित वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, प्रशासनिक अमला, राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण की प्रतिनिधि, मानद वन्यप्राणी अभिरक्षक और स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए पूरी प्रक्रिया की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी भी कराई गई। रखी जा रही निगरानी वन विभाग ने बताया कि मामले की लगातार निगरानी की जा रही है और किसी भी संभावित कारण को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। फिलहाल क्षेत्र में स्थिति सामान्य है और मादा बाघ अपने शेष शावकों के साथ सुरक्षित है। भानेश साकुरे / 22 अप्रैल 2026