राज्य
22-Apr-2026


:: स्वच्छता के बाद अब आजीविका संवर्धन में भी सिरमौर; बेंगलुरु और मुंबई को पछाड़कर पाया पहला स्थान :: इंदौर (ईएमएस)। स्वच्छता के क्षेत्र में लगातार कीर्तिमान स्थापित करने वाले इंदौर ने अब आजीविका संवर्धन के क्षेत्र में भी देश में अपना परचम फहराया है। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना 2.0 के सफल और प्रभावी क्रियान्वयन में इंदौर नगर निगम ने पूरे देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में संचालित इस योजना के तहत इंदौर ने 33,332 हितग्राहियों को ऋण वितरित कर उन्हें आत्मनिर्भरता की राह दिखाई है। इस सूची में बेंगलुरु दूसरे और ग्रेटर मुंबई तीसरे स्थान पर रहा है। नगर निगम को इस योजना के तहत 33,028 प्रकरणों का लक्ष्य प्राप्त हुआ था, जिसके विरुद्ध निगम प्रशासन ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 52,156 प्रकरण बैंकों को प्रेषित किए। इनमें से 34,809 प्रकरण स्वीकृत हुए और 33,332 पथ विक्रेताओं को सीधे ऋण लाभ पहुँचाया गया। महापौर पुष्यमित्र भार्गव एवं निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल ने इस गौरवशाली उपलब्धि का श्रेय शहरी गरीबी उपशमन प्रकोष्ठ के अधिकारियों-कर्मचारियों और सहयोगी एजेंसियों को देते हुए उन्हें बधाई दी है। :: स्वनिधि 2.0 : बढ़ी ऋण की सीमा :: निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल ने बताया कि जून 2020 से शुरू हुई इस योजना को अब मार्च 2030 तक के लिए पुनर्गठित किया गया है। पीएम स्वनिधि 2.0 के तहत अब ऋण की राशि में वृद्धि की गई है। प्रथम चरण में दी जाने वाली 10,000 रुपये की राशि को बढ़ाकर अब 15,000 रुपये कर दिया गया है। इसी प्रकार, द्वितीय चरण की राशि 20,000 से बढ़ाकर 25,000 रुपये की गई है, जबकि तृतीय चरण में 50,000 रुपये की ऋण सुविधा यथावत है। साथ ही, दूसरी ट्रेंच पूर्ण करने वाले विक्रेताओं को 30,000 रुपये तक की क्रेडिट कार्ड सुविधा का प्रावधान भी जोड़ा गया है। :: 322 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद :: वर्ष 2020 से अब तक के आंकड़ों पर नजर डालें तो इंदौर ने रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं को सशक्त बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। अब तक कुल 1,87,590 ऋण प्रकरण स्वीकृत किए जा चुके हैं, जिसके माध्यम से इंदौर के छोटे व्यवसायियों को 322.08 करोड़ रुपये की राशि वितरित की गई है। यह वित्तीय वर्ष 2025-26 के लक्ष्यों की शत-प्रतिशत प्राप्ति की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर है। प्रकाश/22 अप्रैल 2026