राज्य
22-Apr-2026


:: हाईकोर्ट ने दी दो माह की मोहलत, निगम ने सौंपे दस्तावेज; 36 मौतों की जांच में अब तक नहीं हो सका खुलासा :: इंदौर (ईएमएस)। शहर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पेयजल से हुई 36 मौतों के मामले में गठित एक सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग को अपनी अंतिम रिपोर्ट पेश करने के लिए हाईकोर्ट से नई समय-सीमा मिल गई है। बुधवार को आयोग को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करनी थी, लेकिन कार्य पूर्ण न होने के कारण आयोग ने अतिरिक्त समय का अनुरोध किया। हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने इस आग्रह को स्वीकार करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आयोग 14 जून 2026 तक हर हाल में अपनी रिपोर्ट सौंपे। न्यायमूर्ति विजय कुमार शुक्ला और न्यायमूर्ति आलोक अवस्थी की युगल पीठ मामले से जुड़ी पांच अलग-अलग याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई कर रही है। कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 16 जून की तिथि नियत की है। वहीं, मामले में दाखिल सभी इंटरविनर (हस्तक्षेप) आवेदनों पर आगामी 29 अप्रैल को विचार किया जाएगा। :: दस्तावेज मिलने के बाद भी नहीं बनी रिपोर्ट :: याचिकाकर्ता के अधिवक्ता मनीष यादव ने बताया कि पिछली सुनवाई में आयोग ने नगर निगम द्वारा आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध न कराए जाने की बात कही थी। कोर्ट के कड़े रुख के बाद निगम ने सभी जरूरी फाइलें आयोग को सौंप दी हैं। इसके बावजूद बुधवार को रिपोर्ट पेश नहीं हो सकी। अब आयोग को सौंपी गई यह दूसरी बड़ी मोहलत है, जिससे उम्मीद है कि जून में घटना के वास्तविक कारणों और दोषियों का खुलासा हो सकेगा। :: निजी बोरिंग से दूषित पानी का मुद्दा गरमाया :: सुनवाई के दौरान सांई कृपा कॉलोनी के बोरिंग से दूषित पानी निकलने का मुद्दा भी उठा। नगर निगम की ओर से अधिवक्ता ऋषि तिवारी ने पक्ष रखते हुए कहा कि संबंधित बोरिंग निजी हैं और उनसे निगम की नियमित जल आपूर्ति का कोई लेना-देना नहीं है। निगम क्षेत्र में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित कर रहा है और लगातार सैंपलिंग की जा रही है। गौरतलब है कि पिछले वर्ष दिसंबर में हुई इस त्रासदी ने पूरे शहर को झकझोर दिया था, जिसके बाद हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति सुशील कुमार गुप्ता की अध्यक्षता में जांच आयोग का गठन किया गया था। प्रकाश/22 अप्रैल 2026