:: कलेक्टर की सख्ती : सुरक्षा गाईडलाइन जारी; लापरवाही मिलने पर होगी कड़ी कार्रवाई, बसों में सीसीटीवी और जीपीएस जरूरी :: इंदौर (ईएमएस)। नौनिहालों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए जिला प्रशासन ने स्कूली वाहनों के संचालन को लेकर कड़े तेवर अख्तियार कर लिए हैं। कलेक्टर शिवम वर्मा ने स्पष्ट किया है कि बच्चों की सुरक्षा के मामले में कोई भी समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बुधवार को कलेक्टर कार्यालय में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में शैक्षणिक वाहनों के सुरक्षित संचालन के लिए विस्तृत गाईडलाइन जारी की गई। कलेक्टर ने दोटूक कहा कि यदि सुरक्षा मानकों में लापरवाही पाई गई, तो संबंधित शिक्षण संस्थान के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। बैठक में निर्देश दिए गए कि सभी स्कूली बसों में परिवहन विभाग द्वारा स्वीकृत स्पीड गवर्नर लगाया जाना अनिवार्य है ताकि वाहनों की गति नियंत्रित रहे। इसके साथ ही बसों में जीपीएस और सीसीटीवी कैमरे लगाने और उन्हें हमेशा चालू रखने के आदेश दिए गए हैं। कलेक्टर ने कहा कि यह केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि बच्चों के जीवन से जुड़ा संवेदनशील मामला है। बसों में क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाना और चालक के केबिन में विद्यार्थियों को बैठाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। :: किताबों और यूनिफॉर्म में नहीं चलेगी मोनोपॉली :: प्रशासनिक बैठक में केवल वाहन सुरक्षा ही नहीं, बल्कि अभिभावकों के हितों पर भी चर्चा हुई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि स्कूली यूनिफॉर्म और किताबों को लेकर किसी भी प्रकार की मोनोपॉली (एकाधिकार) नहीं होनी चाहिए। स्कूलों को यह सुनिश्चित करना होगा कि शिक्षण सामग्री बाजार में सुगमता से उपलब्ध हो ताकि अभिभावकों को अनावश्यक आर्थिक और मानसिक परेशानी न हो। :: कॉलेजों में बनेगी नशा मुक्ति समितियाँ :: कॉलेज परिसरों में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर चिंता जताते हुए कलेक्टर ने विशेष समितियों के गठन के निर्देश दिए। ये समितियाँ विद्यार्थियों की गतिविधियों पर नजर रखेंगी और नशाखोरी की शिकायत मिलने पर तत्काल एक्शन लेंगी। इसके अलावा, स्कूलों में मिड-डे मील की गुणवत्ता की नियमित जांच और रसोईघरों में सुरक्षित पीएनजी कनेक्शन के उपयोग पर भी जोर दिया गया। :: बसों के लिए ये हैं प्रमुख गाईडलाइन :: - बस का रंग पीला होना चाहिए और उस पर स्कूल बस स्पष्ट अंकित हो। - अग्निशमन यंत्र, फर्स्ट-एड बॉक्स, हॉरिजेंटल ग्रिल और इमरजेंसी सायरन अनिवार्य। - चालक के पास 5 वर्ष का अनुभव हो। उसका नाम, मोबाइल नंबर और लाइसेंस का रिकॉर्ड संकुल स्तर पर जमा करना होगा। - छात्राओं के परिवहन के समय महिला अटेंडेंट या परिचालक की उपस्थिति अनिवार्य। - बसों में काले शीशे या पर्दे लगाना प्रतिबंधित रहेगा ताकि अंदर की गतिविधियां स्पष्ट दिखें। - बारिश के दौरान जलभराव वाले पुल-पुलियाओं से वाहन निकालना प्रतिबंधित रहेगा। बैठक में अपर कलेक्टर रोशन राय, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी प्रदीप शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी शांता स्वामी भार्गव और जिला परियोजना समन्वयक संजय मिश्रा भी विशेष रूप से मौजूद थे। प्रशासन की यह गाईडलाइन स्कूली परिवहन में अनुशासन लाने और दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। प्रकाश/22 अप्रैल 2026