- अगर कोई गांधी हत्या का समर्थन करता है तो वह भारतीय संस्कृति के अनुरूप नहीं है, जैन मुनि का बयान जैन धर्म के अहिंसा सिद्धांत के विरुद्ध है - खुलेआम गुंडागर्दी करने वाले शिवसेना विधायक संजय गायकवाड़ पर तुरंत सख्त कार्रवाई की जाए; प्रकाश आंबी की जान को खतरा, सुरक्षा दी जाए मुंबई, (ईएमएस)। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की हत्या का यदि कोई समर्थन करता है, तो वह भारतीय संस्कृति के अनुरूप नहीं है। अहिंसा जैन धर्म का मूल सिद्धांत है, और ऐसा बयान उसी के विरुद्ध है। गांधी हत्या में सात आरोपी थे, जिनमें से एक सरकारी गवाह बना और कुछ को सजा हुई। कपूर आयोग की रिपोर्ट उपलब्ध है, दिल्ली के लाल किले में स्थित न्यायालय ने सजा सुनाई थी। ऐसे सभी दस्तावेज मौजूद होने के बावजूद जैन मुनि द्वारा गांधी हत्या का समर्थन करना उचित नहीं है, ऐसा महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा। गुरुवार को कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने शिवसेना प्रमुख एवं पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से उनके निवास ‘मातोश्री’ पर मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद मीडिया से बात करते हुए सपकाल ने कहा कि वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों पर विस्तृत चर्चा हुई, साथ ही भविष्य की चुनौतियों पर भी विचार-विमर्श किया गया। महाविकास आघाड़ी के तीनों दलों के बीच बेहतर संवाद बना रहे, इसी उद्देश्य से यह बैठक हुई। इस बैठक में विधान परिषद चुनाव पर कोई चर्चा नहीं हुई। इस संबंध में कांग्रेस की भूमिका पहले से स्पष्ट है कि राज्यसभा चुनाव कांग्रेस को लड़ना चाहिए और उद्धव ठाकरे महाविकास आघाड़ी का चेहरा हैं, इसलिए उन्हें विधान परिषद चुनाव लड़ना चाहिए। वरली में भाजपा के मोर्चे पर बोलते हुए सपकाल ने कहा कि केवल आयोजकों पर मामला दर्ज करने के बजाय, मोर्चे में शामिल मंत्रियों पर कार्रवाई क्यों नहीं की जाती। इस मोर्चे के कारण वरली इलाके में भारी ट्रैफिक जाम हुआ था, इसलिए इसमें शामिल मंत्रियों पर भी मामला दर्ज किया जाना चाहिए। इस मोर्चे पर नाराजगी जताने वाली महिला का वीडियो कांग्रेस के सोशल मीडिया पर साझा किया गया, तो भाजपा ने यह पूछते हुए पत्रकारों को धमकाया कि यह वीडियो किसने शूट किया। इस तरह की धमकी की भी सभी को निंदा करनी चाहिए। ‘शिवाजी कौन था?’ इस पुस्तक को लेकर शिवसेना विधायक संजय गायकवाड़ द्वारा प्रगतिशील कार्यकर्ता और पुस्तक के प्रकाशक प्रशांत आंबी को दी गई धमकी बेहद गंभीर है। “पानसरे का जो हाल किया, वही करेंगे” यह सीधी हत्या की धमकी है। प्रकाशक प्रशांत आंबी को राज्य सरकार द्वारा तत्काल सुरक्षा प्रदान की जानी चाहिए। कॉमरेड गोविंद पानसरे की हत्या में क्या इस विधायक की भी कोई भूमिका है, इसकी जांच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा कराई जानी चाहिए और खुलेआम गुंडागर्दी करने वाले इस व्यक्ति पर तत्काल कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए, ऐसी मांग भी हर्षवर्धन सपकाल ने की। संतोष झा-२३ अप्रैल/२०२६/ईएमएस