राज्य
25-Apr-2026
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भोपाल(ईएमएस)। एम्स भोपाल ने एक बार फिर उत्कृष्ट चिकित्सा सेवाओं के साथ मानवीय संवेदनाओं का उदाहरण प्रस्तुत किया है। दिनांक 06 अप्रैल 2026 को मिसरोद थाना, भोपाल पुलिस द्वारा एक अज्ञात घायल युवक को गंभीर अवस्था में एम्स भोपाल की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया। युवक के पैर में किसी अज्ञात वाहन से गंभीर चोट आई थी। इमरजेंसी में डॉ. अमित प्रियदर्शी और उनकी टीम ने तत्परता दिखाते हुए युवक का जीवनरक्षक ऑपरेशन किया, जिससे उसकी जान बचाई जा सकी। ऑपरेशन के बाद युवक को कोकिला सी. वार्ड में भर्ती किया गया, जहां महिपाल पाटीदार (ANS), नर्सिंग स्टाफ, अटेंडेंट्स और हाउसकीपिंग टीम ने उसकी देखभाल पूरी संवेदनशीलता और समर्पण के साथ की। युवक की पहचान करना एक बड़ी चुनौती थी, क्योंकि उसके पास कोई पहचान संबंधी दस्तावेज उपलब्ध नहीं थे। इस दौरान नर्सिंग ऑफिसर गजेंद्र चौधरी ने अपनी ड्यूटी से परे जाकर युवक की पहचान और उसके परिवार का पता लगाने का प्रयास किया। उन्होंने लगातार चार दिनों तक विभिन्न माध्यमों से जानकारी जुटाई और अंततः युवक के घर का पता लगाने में सफलता प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने युवक के परिजनों को सूचित किया कि उनका बेटा पिछले 13-14 दिनों से एम्स भोपाल में भर्ती है। सूचना मिलते ही परिवार भोपाल पहुंचा और लगभग 6 महीने बाद अपने बेटे से मिलकर भावुक हो उठा। यह दृश्य वहां मौजूद सभी लोगों के लिए बेहद भावनात्मक था। यह पूरी घटना डॉ. अमित प्रियदर्शी और उनकी टीम, महिपाल पाटीदार, नर्सिंग स्टाफ, अटेंडेंट्स, हाउसकीपिंग टीम और पुलिस विभाग के समन्वय और समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण है। विशेष रूप से गजेंद्र चौधरी के प्रयास यह दर्शाते हैं कि सच्ची सेवा केवल कर्तव्य तक सीमित नहीं होती, बल्कि उसमें मानवता का भाव भी शामिल होता है। हरि प्रसाद पाल / 25 अप्रैल, 2026