राज्य
26-Apr-2026


रांची(ईएमएस)।हजारीबाग जिला में वेतन मद में की गयी फर्जी निकासी के मामले की जांच को लेकर नयी स्थिति सामने आयी है। जांच की जिम्मेदारी सीआइडी के एडीजी मनोज कौशिक को दिये जाने से उनकी पूर्व की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।मनोज कौशिक वर्ष 2012 से 2014 के बीच हजारीबाग के एसपी के रूप में पदस्थापित रहे थे, जबकि जांच में शामिल अवधि भी इसी दायरे में आती है। जिस अवधि की जांच की जा रही है, उसी दौरान जिले की कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी संभाल चुके अधिकारी के हाथ में जांच की कमान को लेकर प्रशासनिक हलकों में भी चर्चा तेज है।इधर, बोकारो और हजारीबाग में वेतन घोटाले की जांच के सिलसिले में गठित उच्च स्तरीय समिति ने भी अपनी कार्रवाई तेज कर दी है।समिति के अध्यक्ष डॉ. अमिताभ कौशल ने हजारीबाग के उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक से 22 बिंदुओं पर विस्तृत जानकारी और दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा है।इसमें वर्ष 2011 से 2026 तक की अवधि में हुए भुगतान से जुड़े अभिलेख शामिल हैं, जिसमें वह समयावधि भी शामिल है जब मनोज कौशिक हजारीबाग के एसपी थे। समिति ने बजटीय प्रावधान, आवंटन आदेश, भुगतान से जुड़े दस्तावेज और जांच रिपोर्ट समेत कई महत्वपूर्ण कागजात मांगे हैं।दस्तावेज मिलने के बाद समिति के संबंधित जिलों का दौरा करने की भी योजना है। कर्मवीर सिंह/26अप्रैल/26